सऊदी अरब के मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्रालय (HRSD) ने प्राइवेट सेक्टर की कई कंपनियों को कड़ी चेतावनी दी है। मंत्रालय को शक है कि कुछ कंपनियां ‘फेक सउदीकरण’ (Fake Saudization) के गलत तरीकों का इस्तेमाल कर रही हैं। अगर कंपनियां इन नियमों का उल्लंघन करती पाई गईं, तो उन्हें गंभीर कानूनी नतीजों का सामना करना पड़ेगा।

फेक सउदीकरण क्या है और सरकार ने क्या चेतावनी दी है?

फेक सउदीकरण का मतलब है किसी सऊदी नागरिक को कागजों पर कर्मचारी के तौर पर दर्ज करना, लेकिन असल में उनसे काम न कराना। कंपनियां ऐसा अक्सर सरकारी टारगेट पूरा करने या आर्थिक मदद पाने के लिए करती हैं। 13 मई 2026 को HRSD ने ऐसी कंपनियों को चेतावनी दी कि वे अपने रिकॉर्ड की जांच करें और यह पक्का करें कि दर्ज कर्मचारी वास्तव में काम कर रहे हैं। जो कंपनियां इन गलतियों को तुरंत नहीं सुधारेंगी, उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।

नियम तोड़ने वाली कंपनियों पर क्या होगी कार्रवाई?

नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों को Nitaqat प्रोग्राम से बाहर किया जा सकता है। इसके साथ ही उन पर लेबर कानूनों के तहत कानूनी कार्रवाई होगी। पुराने ड्राफ्ट नियमों के अनुसार, फर्जी सउदीकरण में शामिल मालिकों को 5 साल तक की जेल और 10 मिलियन रियाल तक का जुर्माना देना पड़ सकता है। ऐसी कंपनियों को सरकारी लोन, टेंडर और स्पॉन्सरशिप ट्रांसफर जैसी सुविधाओं से भी वंचित किया जा सकता है।

निगरानी के लिए किन सिस्टम का इस्तेमाल हो रहा है?

HRSD इस फर्जीवाड़े को पकड़ने के लिए GOSI (जनरल ऑर्गनाइजेशन फॉर सोशल इंश्योरेंस) के साथ मिलकर काम कर रहा है। सरकार ने 4 अक्टूबर 2020 को ही यह ऐलान किया था कि वह फर्जी सउदीकरण का पता लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिस्टम का उपयोग करेगी। सऊदी नागरिक खुद भी GOSI के माध्यम से यह चेक कर सकते हैं कि उनका नाम किसी कंपनी में गलत तरीके से तो दर्ज नहीं है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या HR प्रोफेशनल की नौकरियां सिर्फ السعودियों के लिए हैं?

हाँ, 16 अप्रैल 2024 को HRSD ने यह साफ किया था कि ह्यूमन रिसोर्स (HR) प्रोफेशन पूरी तरह से सिर्फ सऊदी नागरिकों के लिए आरक्षित हैं।

Nitaqat प्रोग्राम क्या है और इसका क्या असर होगा?

यह एक नेशनल प्रोग्राम है जो कंपनियों को उनके सउदीकरण रेट के आधार पर कैटेगरी में बांटता है। फर्जीवाड़े में पकड़े जाने वाली कंपनियों को इस प्रोग्राम से बाहर कर दिया जाएगा जिससे उनके बिजनेस पर बुरा असर पड़ेगा।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com