King Salman Humanitarian Aid and Relief Center (KSrelief) ने अपनी ताज़ा रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, जून 2026 तक दुनिया के 114 देशों में 4,404 प्रोजेक्ट्स के ज़रिए कुल 8.54 अरब डॉलर की मानवीय मदद पहुँचाई गई है। इस पूरी मदद में यमन को सबसे ज़्यादा सहायता मिली है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि यमन को कुल मदद का 56% हिस्सा मिला है, जिसकी कीमत 4.79 अरब डॉलर है। इसके अलावा सीरिया, फिलिस्तीन, सोमालिया, पाकिस्तान और सूडान जैसे देशों को भी बड़ी रकम दी गई है।

देश मदद की राशि कुल हिस्सा (%)
यमन 4.79 अरब डॉलर 56%
सीरिया 583.38 मिलियन डॉलर 6.83%
फिलिस्तीन 542.48 मिलियन डॉलर 6.35%
सोमालिया 257.17 मिलियन डॉलर 3.01%
पाकिस्तान 228.34 मिलियन डॉलर 2.67%
सूडान 190.63 मिलियन डॉलर 2.23%

यमन, फिलिस्तीन, सोमालिया, पाकिस्तान और सूडान में इस पैसे का इस्तेमाल खाने-पीने की सुरक्षा, खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा, घर और साफ़ पानी जैसी बुनियादी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए किया गया। साथ ही बच्चों के पोषण और मेडिकल प्रोग्राम्स पर भी ध्यान दिया गया।

अगर अलग-अलग सेक्टर की बात करें, तो सबसे ज़्यादा पैसा खेती और खाने की सुरक्षा पर खर्च हुआ। इसमें 1,191 प्रोजेक्ट्स के लिए 2.31 अरब डॉलर दिए गए। इसके बाद स्वास्थ्य सेवाओं का नंबर आया, जहाँ 741 प्रोजेक्ट्स के लिए 2.13 अरब डॉलर खर्च हुए।

KSrelief ने वॉलंटियर प्रोजेक्ट्स पर भी ज़ोर दिया है। कुल 1,412 वॉलंटियर प्रोजेक्ट्स चलाए गए जिनकी कीमत 155.81 मिलियन डॉलर थी। इनमें से 1,333 प्रोजेक्ट्स सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े थे, जिन पर 147.94 मिलियन डॉलर खर्च हुए। इन कोशिशों में शिक्षा, आर्थिक मदद और रहने की जगह जैसी सुविधाओं को बेहतर बनाने का काम किया गया।