सऊदी अरब की संस्था KSrelief और संयुक्त राष्ट्र (UN) के सूडान दूत के बीच एक अहम बैठक हुई है। यह मुलाकात 11 मई 2026 को हुई जिसमें सूडान में जारी संकट और वहां लोगों तक मदद पहुंचाने पर चर्चा की गई। बैठक में मुख्य रूप से स्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़ी सहायता को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।

सूडान में KSrelief ने अब तक क्या मदद की है?

सऊदी अरब की संस्था KSrelief सूडान में मानवीय सहायता के लिए लगातार काम कर रही है। अब तक के प्रोजेक्ट्स की कुल कीमत 133 मिलियन डॉलर से ज़्यादा रही है। इसमें कुछ मुख्य काम नीचे दिए गए हैं:

  • पोर्ट सूडान में पानी साफ करने वाले प्लांट (Water Desalination Plant) की मरम्मत का काम किया गया।
  • बच्चों के टीचिंग अस्पताल में एक नया पानी साफ करने वाला प्लांट लगाया गया।
  • 8 मई 2026 को व्हाइट नाइल स्टेट में 11,591 लोगों के लिए 1,450 फूड बास्केट बांटे गए।
  • ब्लू नाइल स्टेट में 6,492 लोगों के लिए खजूर के 1,200 कार्टन दिए गए।
  • मिस्र में सूडान के किडनी मरीजों की मदद के लिए WHO के साथ समझौता किया गया।

UN दूत Pekka Haavisto और मौजूदा हालात क्या हैं?

UN महासचिव के पर्सनल एनवॉय Pekka Haavisto सूडान के हालात सुधारने के लिए कई देशों का दौरा कर रहे हैं। उन्होंने हाल ही में बर्लिन कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया और नैरोबी में सूडान के अलग-अलग गुटों और नागरिक नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने सूडान के राष्ट्रपति जनरल अब्देल फत्ताह अल बुरहान और RSF चीफ जनरल मोहम्मद हमदान हेमेती से भी बातचीत की है।

दूसरी ओर, UN मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने सूडान में ड्रोन के बढ़ते इस्तेमाल पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इससे आम नागरिकों की जान को खतरा बढ़ गया है। वहीं, सूडान के विदेश मंत्रालय ने UN अधिकारियों को चेतावनी दी है कि वे RSF से जुड़े किसी भी नए मानवीय संगठन के साथ काम न करें क्योंकि यह देश की संप्रभुता का उल्लंघन है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

KSrelief ने सूडान में कुल कितनी मदद दी है?

KSrelief ने सूडान के लोगों के लिए अब तक 133 मिलियन डॉलर से ज़्यादा की सहायता राशि खर्च की है।

UN दूत Pekka Haavisto कौन हैं?

Pekka Haavisto फिनलैंड के नागरिक हैं और उन्हें फरवरी 2026 में UN महासचिव द्वारा सूडान के लिए पर्सनल एनवॉय नियुक्त किया गया था।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.