Israel के एक फैसले पर मचा बवाल, Kuwait समेत 14 देशों ने जताया कड़ा विरोध, Somalia की संप्रभुता का मुद्दा
Israel ने Somaliland क्षेत्र में अपना पहला राजदूत नियुक्त किया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ गया है। Kuwait और 14 अन्य देशों ने मिलकर एक साझा बयान जारी कर इस कदम की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि यह फैसला Somalia की आज़ादी और उसकी सीमाओं का सीधा उल्लंघन है।
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Israel ने क्या किया और विवाद क्यों हुआ?
Israel ने 16 अप्रैल 2026 को Somaliland क्षेत्र में अपना पहला राजदूत Michael Lotem नियुक्त किया। इससे पहले दिसंबर 2025 में Israel ने Somaliland को मान्यता देने की घोषणा की थी। Somalia की सरकार ने इस फैसले को पूरी तरह गलत बताया है। उनका कहना है कि यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों और संयुक्त राष्ट्र के चार्टर का उल्लंघन है।
किन देशों और संगठनों ने जताया विरोध?
इस मामले में कई देशों और बड़े संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। Kuwait के साथ-साथ सऊदी अरब, तुर्की, इंडोनेशिया और पाकिस्तान जैसे देशों ने इस कदम को गलत बताया है। साथ ही Arab League और OIC ने भी इस फैसले की निंदा की है। सभी का कहना है कि Somalia की एकता और संप्रभुता का सम्मान किया जाना चाहिए।
| तारीख | घटना / अपडेट |
|---|---|
| दिसंबर 2025 | Israel ने Somaliland को मान्यता देने का ऐलान किया |
| 16 अप्रैल 2026 | Israel ने अपना पहला राजदूत नियुक्त किया |
| 17 अप्रैल 2026 | OIC ने इस फैसले की कड़ी निंदा की |
| 18 अप्रैल 2026 | Kuwait और 14 देशों ने साझा बयान जारी किया |
| 18 अप्रैल 2026 | Arab League ने फैसले का विरोध किया |
Somalia की चेतावनी और संभावित असर
Somalia के राजदूत Abdullahi Warfaa ने कड़ी चेतावनी दी है कि अगर कोई देश उनकी आंतरिक सीमाओं में दखल देगा, तो उसे परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने संकेत दिया है कि Bab-el-Mandeb Strait जैसे रणनीतिक समुद्री रास्ते पर पाबंदियां लगाई जा सकती हैं। Somalia की सरकार ने Israel से इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की है।