कुवैत ने संयुक्त राष्ट्र (UN) की सदस्यता के 63 साल पूरे कर लिए हैं. 14 मई 2026 को इस खास मौके को मनाया गया. कुवैत दुनिया में शांति बनाए रखने और जरूरतमंदों की मदद करने के लिए जाना जाता है. कुवैत न्यूज़ एजेंसी (KUNA) ने इस उपलब्धि की जानकारी दी है.
कुवैत कब और कैसे बना UN का सदस्य
Kuwait 14 मई 1963 को संयुक्त राष्ट्र का 111वां सदस्य बना था. इस फैसले के लिए जनरल असेंबली का प्रस्ताव 1872 पास किया गया था. इसके बाद 15 मई 1963 को UN मुख्यालय में कुवैत का झंडा फहराया गया था. तब से कुवैत UN के नियमों का पालन कर रहा है और शांतिपूर्ण नीतियों पर चल रहा है.
मानवीय मदद और दुनिया में कुवैत का नाम
कुवैत दुनिया के उन देशों में शामिल है जो अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा मानवीय मदद के लिए देते हैं. साल 2014 में UN के तत्कालीन महासचिव Ban Ki-moon ने दिवंगत अमीर Sheikh Sabah Al-Ahmad Al-Jaber Al-Sabah को Humanitarian Leader का खिताब दिया था. कुवैत दो बार UN सुरक्षा परिषद का गैर-स्थायी सदस्य भी रहा है, एक बार 1978-1979 में और दूसरी बार 2018-2019 में.
लापता लोगों और संपत्ति की वापसी पर नया फैसला
हाल ही में 31 मार्च 2026 को UN सुरक्षा परिषद ने प्रस्ताव 2792 पास किया है. इसके तहत एक सीनियर रिप्रेजेंटेटिव की नियुक्ति की जाएगी. इनका मुख्य काम गल्फ वॉर के दौरान लापता हुए कुवैती नागरिकों और अन्य देशों के लोगों को वापस लाना होगा. साथ ही कुवैत के सरकारी दस्तावेज़ों और राष्ट्रीय संपत्ति को वापस दिलाने की कोशिश की जाएगी.
Frequently Asked Questions (FAQs)
कुवैत UN का सदस्य कब बना था
कुवैत 14 मई 1963 को संयुक्त राष्ट्र का 111वां सदस्य बना था और 15 मई को वहां उसका झंडा फहराया गया था.
UN सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2792 का क्या मतलब है
इस प्रस्ताव के तहत गल्फ वॉर में लापता हुए कुवैती नागरिकों और उनकी संपत्ति को वापस लाने के लिए एक विशेष अधिकारी नियुक्त किया जाएगा.
