कुवैत शुक्रवार, 19 जून 2026 को अपनी आजादी की 65वीं सालगिरह मना रहा है. यह दिन देश के इतिहास में एक बड़ा मील का पत्थर है जो एक स्वतंत्र राष्ट्र के तौर पर उसकी तरक्की, समृद्धि और संस्थानों के निर्माण को दिखाता है. इस मौके पर कुवैती लोग अपनी वफादारी और एकता के साथ अपने नेतृत्व के पीछे खड़े हैं ताकि देश की सुरक्षा और स्थिरता को बनाए रखा जा सके.

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आजादी का इतिहास और नियम

कुवैत को 19 जून 1961 को ब्रिटेन से पूरी तरह आजादी मिली थी. उस समय के अमीर शेख अब्दुल्ला अल-सलेम अल-सबाह ने 1899 के संरक्षण समझौते को खत्म किया था. उन्हें आधुनिक कुवैत का निर्माता माना जाता है क्योंकि उन्होंने ही संवैधानिक शासन की नींव रखी थी.

कुवैत हर साल 25 फरवरी को अपना नेशनल डे (National Day) मनाता है. जून की भीषण गर्मी के कारण आम लोगों की भागीदारी कम होती थी, इसलिए 1963 में 25 फरवरी की तारीख तय की गई. बाद में 18 मई 1964 के एक सरकारी आदेश के जरिए आजादी के जश्न को नेशनल डे के साथ जोड़ दिया गया.

नेतृत्व और विकास

वर्तमान में अमीर शेख मिशाल अल-अहमद अल-जाबर अल-सबाह और क्राउन प्रिंस शेख सबाह खालिद अल-हमाद अल-सबाह के मार्गदर्शन में देश विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है. सरकारी अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति इस मौके पर ध्वजारोहण और अन्य राष्ट्रीय कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं. कुवैत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मानवीय मदद और क्षेत्रीय मुद्दों को सुलझाने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है.

आर्थिक मजबूती और उपलब्धियां

साल 2026 की शुरुआत में कुवैत ने आर्थिक मोर्चे पर बड़ी सफलताएं हासिल की हैं. देश के निवेश और वित्तीय आंकड़े इसकी मजबूती को बयां करते हैं.

विवरण आंकड़े/उपलब्धि
सॉवरेन वेल्थ फंड (SWF) 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर से ज्यादा
बैंकिंग सेक्टर एसेट्स 100 बिलियन कुवैती दीनार से अधिक
कुवैत स्टॉक एक्सचेंज लाभ 9.6 बिलियन कुवैती दीनार से ज्यादा
ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स 2025 दुनिया के टॉप 10 देशों में शामिल
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.