कुवैत में शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की जांच करने वाली कमेटी ने सरकारी और प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए नया निर्देश जारी किया है। सिविल सर्विस कमीशन (CSC) ने बताया है कि सभी कर्मचारियों को Sahel App के जरिए नोटिफिकेशन भेजे जा रहे हैं। इसका मकसद कर्मचारियों के डेटा को अपडेट करना और उनकी डिग्रियों की जांच करना है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि केवल सही योग्यता वाले लोग ही नौकरी कर रहे हैं।

किन्हें करानी होगी जांच और क्या है प्रक्रिया?

सरकार जाली डिग्रियों को रोकने के लिए पूरे देश में सख्ती बरत रही है। नए नियमों के मुताबिक, पोस्ट-सेकेंडरी डिग्री वाले सभी कुवैती और प्रवासी कर्मचारियों को अपनी योग्यता वेरीफाई करानी होगी। इसके लिए पब्लिक अथॉरिटी फॉर मैनपावर (PAM) ने Sahel Business App और Ashal Portal पर सिस्टम अपडेट किया है।

  • इंजीनियरिंग प्रोफेशन: इनका वेरिफिकेशन काफी हद तक ऑटोमेटिक होगा। अगर जरूरी अप्रूवल नहीं होंगे तो आवेदन तुरंत रिजेक्ट हो जाएगा।
  • अन्य प्रोफेशन: नॉन-इंजीनियरिंग कर्मचारियों को सिस्टम द्वारा मांगे जाने पर अप्रूवल की कॉपी अपलोड करनी होगी।
  • विदेशी डिग्री: कुवैत के बाहर से ली गई डिग्रियों के लिए Ministry of Higher Education (MoHE) से ‘Equivalency’ सर्टिफिकेट लेना जरूरी है।

गलत डिग्री पर सजा और फीस की जानकारी

अगर कोई कर्मचारी जाली सर्टिफिकेट का इस्तेमाल करता है या जानबूझकर गलत जानकारी देता है, तो उस पर कानूनी कार्रवाई होगी। कानून के आर्टिकल 259 के तहत ऐसा करने वालों को 5 साल तक की जेल और 5,000 KD तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है। साथ ही उन्हें नौकरी से भी निकाल दिया जाएगा।

Sahel App के जरिए डॉक्यूमेंट अटेस्टेशन की फीस लगभग 5 KD है। वहीं, प्राइवेट सेक्टर के कुछ वेरिफिकेशन प्रोसेस में 30 KD तक का खर्चा आ सकता है। अगर कोई अपना पता (Address) 30 दिन के अंदर अपडेट नहीं करता है, तो उस पर 100 KD का जुर्माना भी लग सकता है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.