कुवैत ने ईरान और उसके सहयोगियों पर संचार क्षेत्र और इंटरनेट सिस्टम पर हमले करने का गंभीर आरोप लगाया है। जिनेवा में अंतरराष्ट्रीय मंच पर यह बात सामने आई है कि समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबल्स को निशाना बनाया जा रहा है। कुवैत का कहना है कि इस तरह की हरकतों के जरिए एक “डिजिटल नाकाबंदी” करने की कोशिश हो रही है, जिससे वैश्विक व्यापार और सूचनाओं का आदान-प्रदान रुक सकता है।

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कुवैत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर क्या शिकायत की?

जिनेवा में 28 अप्रैल 2026 को संयुक्त राष्ट्र और अन्य संगठनों में कुवैत के स्थायी प्रतिनिधि Nasir Al-Hain ने International Telecommunication Union (ITU) परिषद में ईरान की कड़ी निंदा की। उन्होंने बताया कि ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगी संचार क्षेत्र पर खुले हमले कर रहे हैं। अल-हेन ने कहा कि ये कार्य किसी भी देश की संप्रभुता और डिजिटल सुरक्षा को कमजोर करते हैं। कुवैत के मुताबिक, अरब देशों ने पूर्व और पश्चिम को जोड़ने के लिए अरबों डॉलर खर्च कर डिजिटल नेटवर्क बनाए हैं, लेकिन अब इन्हें राजनीतिक दबाव के हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।

ड्रोन हमलों से बिजली और तेल संयंत्रों को नुकसान

संचार के साथ-साथ कुवैत ने भौतिक हमलों की भी जानकारी दी है। 8 अप्रैल 2026 को कुवैत पर 28 ड्रोन से हमला हुआ था। इन हमलों ने देश के बिजली घरों, तेल सुविधाओं और पानी साफ करने वाले अलवणीकरण संयंत्रों (desalination plants) को भारी नुकसान पहुँचाया। इसके अलावा, मार्च 2026 में भी कई बार संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के सामने ईरान की आक्रामकता और नागरिकों पर हमलों का मुद्दा उठाया गया था। कुवैत ने उन रिपोर्टों को भी खारिज कर दिया जिनमें ईरानी हमलों को सिर्फ “प्रतिशोधात्मक कार्रवाई” बताया गया था।

समुद्र के नीचे इंटरनेट केबल्स पर मंडराता खतरा

हालिया घटनाक्रम में 24-25 अप्रैल 2026 को ईरान की Tasnim News Agency ने एक चेतावनी जारी की थी। इस रिपोर्ट में कहा गया था कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में समुद्र के नीचे बिछी केबलों पर हमले हो सकते हैं। यदि ये मुख्य केबल एक साथ खराब होती हैं, तो फारस की खाड़ी में बड़े स्तर पर इंटरनेट आउटेज हो सकता है। कुवैत जैसे देश जो इन समुद्री केबलों पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं, उनके लिए यह एक बड़ा खतरा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत ने ईरान पर डिजिटल नाकाबंदी का आरोप क्यों लगाया है?

कुवैत का आरोप है कि ईरान समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबल्स को निशाना बना रहा है ताकि संचार व्यवस्था को ठप किया जा सके और राजनीतिक दबाव बनाया जा सके।

ड्रोन हमलों से कुवैत में क्या नुकसान हुआ?

8 अप्रैल 2026 को हुए 28 ड्रोन हमलों में कुवैत के बिजली संयंत्रों, तेल सुविधाओं और पानी के प्लांट को काफी भौतिक क्षति पहुँची।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com