कुवैत सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अपनी नेशनल टेरर लिस्ट को अपडेट किया है। विदेश मंत्रालय ने एक सर्कुलर जारी कर सभी कंपनियों और वित्तीय संस्थानों को बताया कि इस लिस्ट में 25 नए लोगों को शामिल किया गया है। इन लोगों में 24 कुवैती नागरिक और एक गैर-कुवैती व्यक्ति शामिल है।

ℹ️: Saudi Arabia Digital Payment: सऊदी में डिजिटल पेमेंट का बढ़ा क्रेज, 85% लोगों ने छोड़ा कैश, अब फोन और कार्ड से हो रहे हैं भुगतान

आतंकवाद की लिस्ट में नाम क्यों जोड़े गए?

कुवैत के आंतरिक मंत्रालय ने बताया कि उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने और आतंकी संगठनों को पैसा पहुँचाने की एक बड़ी साजिश को नाकाम किया है। इस ऑपरेशन के दौरान 24 नागरिकों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 8 अन्य लोगों की पहचान विदेश में हुई। ये सभी लोग एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा थे और धर्म के नाम पर चंदा इकट्ठा करके उसे गैरकानूनी संस्थाओं को भेज रहे थे।

लिस्ट में नाम आने पर अब क्या असर होगा?

मिनिस्ट्रियल रेजोल्यूशन नंबर 176/2025 के तहत इन लोगों के खिलाफ सख्त आर्थिक पाबंदियां लगाई गई हैं। इसके मुख्य नियम इस प्रकार हैं:

  • संपत्ति फ्रीज करना: लिस्ट में शामिल व्यक्तियों के सभी बैंक खाते और आर्थिक संसाधनों को बिना किसी पूर्व सूचना के फ्रीज कर दिया गया है।
  • फायदे पर रोक: इन जमी हुई संपत्तियों से मिलने वाला कोई भी मुनाफा या अन्य आर्थिक लाभ भी अब बंद रहेगा।
  • मदद पर पाबंदी: कुवैत के अंदर या बाहर रहने वाला कोई भी कुवैती नागरिक या व्यक्ति इन लिस्टेड लोगों को पैसा या कोई वित्तीय सेवा नहीं दे सकेगा।

इस कार्रवाई पर अन्य देशों की क्या प्रतिक्रिया है?

कुवैत के इस कदम का पड़ोसी देशों ने खुलकर समर्थन किया है। बहरीन ने इस आतंकी साजिश की कड़ी निंदा की और कुवैत की सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता की तारीफ की। वहीं UAE के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाह्यान ने भी कुवैत के साथ एकजुटता जताई और स्थिरता बनाए रखने के लिए उठाए गए इन कदमों का समर्थन किया।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.