कुवैत में अब खेती-बाड़ी का चेहरा बदलने वाला है. एक नई स्टडी जिसमें ‘Food Security: From Crisis Management to Self-Sufficiency’ की बात की गई है, उसके मुताबिक देश की लगभग 50 प्रतिशत ज़मीन पर खेती की जा सकती है. बस इसके लिए पानी के सही और टिकाऊ इंतज़ाम करने की ज़रूरत है ताकि बाहर से आने वाले खाने पर निर्भरता कम हो सके.

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अधिकारियों का कहना है कि अगर पानी के मैनेजमेंट को बेहतर कर लिया जाए, तो कुवैत अपनी खाने की ज़रूरतें खुद पूरी करने की दिशा में आगे बढ़ सकता है. फिलहाल देश अपनी ज़्यादातर ज़रूरतों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर है. Public Authority for Agricultural Affairs and Fish Resources (PAAFR) इस पूरे काम और मछलियों के प्रबंधन की ज़िम्मेदारी संभाल रही है.

उत्पादन और अर्थव्यवस्था का हाल

साल 2025 में कुवैत का कुल कृषि उत्पादन लगभग 285.3 हज़ार टन रहा, जो 2024 के मुकाबले 12.5% ज़्यादा है. इस उत्पादन की कुल कीमत करीब 32.57 मिलियन कुवैती दीनार रही. सबसे ज़्यादा टमाटर और खीरा जैसी सब्ज़ियों की पैदावार हुई. हालांकि, खराब मौसम और खेती की ज़मीन कम होने की वजह से 2024 में देश की GDP में खेती का हिस्सा 0.5% से भी कम रहा.

विवरण आँकड़े
2025 कुल उत्पादन 285.3 हज़ार टन
उत्पादन में बढ़त (2024 से) 12.5%
2025 उत्पादन की कीमत 32.57 मिलियन कुवैती दीनार
2024 में GDP में योगदान 0.5% से कम
2024 में खाद्य आयात का मूल्य 2.33 बिलियन डॉलर
घरेलू खपत में आयात का हिस्सा 90% से ज़्यादा
बाज़ार में उपलब्ध आयातित सामान 83% से ज़्यादा

बाहर से आने वाले खाने पर निर्भरता

कुवैत अपनी खाने की मांग पूरी करने के लिए बहुत ज़्यादा आयात करता है. 2024 में देश ने 2.33 बिलियन डॉलर का खाद्य सामान बाहर से मँगाया, जिससे वह दुनिया का 65वाँ सबसे बड़ा आयातक बन गया. ज़्यादातर सामान संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब और अमेरिका से आता है.

पानी के लिए नई योजनाएं

खेती के लिए पानी जुटाने के लिए सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं. 8 मई 2026 को बिजली, पानी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री डॉ. महमूद बुशेहरी और सार्वजनिक निर्माण मंत्री डॉ. नूरा अल-मशान की अध्यक्षता में एक कमेटी की मीटिंग हुई. इस कमेटी का काम treated water (साफ किए गए पानी) का सही इस्तेमाल करना है ताकि उसे खेती, पर्यावरण और उद्योगों में इस्तेमाल किया जा सके.

सरकार Wafra और Abdaly जैसे इलाकों में आधुनिक खेती और सिंचाई सिस्टम को बढ़ावा दे रही है, जहाँ Treated Sewage Effluent (TSE) पानी का उपयोग होता है. इसके लिए सरकार सब्सिडी भी दे रही है और खारे पानी व भूजल के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रही है.

Kuwait Vision 2035 के तहत, पानी का उत्पादन 2035 तक प्रतिदिन लगभग एक अरब गैलन तक पहुँचाने का लक्ष्य है. साथ ही, नवंबर 2023 में Environment Public Authority (EPA) ने 2050 का लो-कार्बन प्लान भी शुरू किया है, ताकि पर्यावरण और कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाया जा सके.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.