कुवैत में पिछले कुछ दिनों से सुबह के समय तेज़ आवाज़ें सुनाई दे रही हैं, जिससे नागरिकों और प्रवासियों के बीच काफी चर्चा हो रही है। कुवैत रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ये आवाज़ें कुवैती वायु रक्षा बलों द्वारा हवाई खतरों को इंटरसेप्ट करने के कारण हुई हैं। क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए कुवैत की सेना हाई अलर्ट पर है और देश की सुरक्षा के लिए लगातार ड्रोन और मिसाइल हमलों को नाकाम कर रही है।

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कुवैत रक्षा मंत्रालय और सेना ने क्या दी जानकारी?

कुवैत के रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि देश के हवाई क्षेत्र की सुरक्षा के लिए सेना पूरी तरह तैयार है। हाल के दिनों में कई बार दुश्मन के लक्ष्यों का पता लगाकर उन्हें हवा में ही नष्ट किया गया है। सेना के जनरल स्टाफ के अनुसार, जो आवाज़ें पूरे कुवैत में सुनाई दी हैं, वे रक्षात्मक उपायों का सीधा परिणाम हैं। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इन घटनाओं में अब तक किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

नागरिकों और प्रवासियों के लिए जरूरी सुरक्षा नियम

सेना और मंत्रालय ने आम लोगों के लिए कुछ महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके। कुवैत में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों को इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:

  • किसी भी गिरी हुई वस्तु या ड्रोन के मलबे के पास जाने से बचें, क्योंकि उसमें बिना फटा बारूद हो सकता है।
  • मलबे या संदिग्ध वस्तु दिखने पर उसे छुएं नहीं और तुरंत सुरक्षा अधिकारियों को सूचित करें।
  • सुरक्षा और अपडेट के लिए केवल सरकारी संचार केंद्रों और KUNA की खबरों पर ही भरोसा करें।
  • सेना के निर्देशों का पालन करें और अफवाहों से दूर रहें।

इंटरसेप्शन की मुख्य तारीखें और घटनाएं

तारीख घटना का विवरण
1 मार्च – 13 मार्च 2026 मिसाइल और ड्रोन जैसे कई हवाई लक्ष्यों को मार गिराया गया
17 मार्च 2026 कुवैती सेना ने सुरक्षा बढ़ाने के तहत एक ड्रोन को मार गिराया
वर्तमान स्थिति कुवैती वायु सेना और रक्षा बल हाई अलर्ट मोड पर हैं

कुवैत के विदेश मंत्रालय ने क्षेत्रीय स्थिरता को खतरा पैदा करने वाले इन हमलों की कड़ी निंदा की है। सरकार का कहना है कि यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है और वे अपने देश की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाना जारी रखेंगे।