कुवैत की सुरक्षा व्यवस्था ने बुधवार, 22 जुलाई 2026 को देश की ओर आ रहे कई ड्रोन को हवा में ही नाकाम कर दिया। कुवैत के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ ने आधिकारिक तौर पर जानकारी दी कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने दुश्मनों के खतरों को पहचान लिया और उन्हें रोकने के लिए सक्रिय रूप से काम किया। कुवैत के कई हिस्सों में तेज धमाकों की आवाज सुनी गई, जो इन डिफेंस सिस्टम द्वारा दुश्मन के लक्ष्यों को मार गिराने के कारण हुई थी। प्रशासन ने सभी नागरिकों को सुरक्षा नियमों का पालन करने की सलाह दी है।

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क्षेत्रीय तनाव और IRGC के दावे

यह घटना क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच हुई है। कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स ने इन हमलों को ईरान से जोड़कर देखा है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि उन्होंने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिका के ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं।

कुवैत के ठिकानों पर हुआ क्या

IRGC ने दावा किया कि उनके हमले में अली अल सलेम एयर बेस पर अमेरिका का रडार सिस्टम, एविएशन डिपो और MQ-9 ड्रोन हैंगर को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, कुवैती अधिकारियों ने अभी तक किसी भी हताहत या भारी नुकसान की पुष्टि नहीं की है। सरकार ने अपनी सुरक्षा और संप्रभुता को प्राथमिकता देते हुए स्थिति पर पूरी नजर बनाए रखी है। ईरान के इन दावों की स्वतंत्र रूप से कोई पुष्टि नहीं हुई है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.