Kuwait में 8 और 9 जुलाई 2026 को अचानक चेतावनी सायरन बजने लगे जिससे लोग हैरान रह गए। देश के एयर डिफेंस सिस्टम ने दुश्मन की मिसाइलों और ड्रोन को रोकने के लिए मोर्चा संभाला। यह पूरी स्थिति तब बनी जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बहुत बढ़ गया और दोनों देशों के बीच हमलों का सिलसिला शुरू हुआ।
Kuwait Army General Staff ने आधिकारिक तौर पर बताया कि देश के अलग-अलग हिस्सों में जो धमाके सुनाई दिए, वे दरअसल एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा आने वाले हमलों को नाकाम करने की वजह से हुए थे। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता Brigadier General Saud Al-Otaiban ने कहा कि सेना पूरी तरह अलर्ट पर है और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पहुँचाने वाली किसी भी कोशिश का जवाब देने के लिए तैयार है।
ईरान की Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने दावा किया कि उन्होंने अमेरिका के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए मिसाइल और ड्रोन दागे। ईरान ने खास तौर पर Kuwait के Ali Al-Salem Air Base और Bahrain के Salman Port में मौजूद अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट हेडक्वार्टर का नाम लिया।
लोगों की सुरक्षा के लिए सायरन बजाने का यह सिस्टम Kuwait के आंतरिक मंत्रालय ने 28 जून 2026 को ही लागू किया था ताकि किसी भी हमले की स्थिति में लोग समय रहते सुरक्षित हो सकें। इसी बीच Bahrain के आंतरिक मंत्रालय ने भी अपने नागरिकों और वहां रहने वाले प्रवासियों से शांत रहने और सुरक्षित जगहों पर जाने की सलाह दी। ईरान की मिलिट्री कमांड ने चेतावनी दी है कि क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी बेस उनके वैध निशाने पर रहेंगे।
