कुवैत में सुरक्षा को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। 6 जून 2026 को कुवैत की सेना ने जानकारी दी है कि देश का एयर डिफेंस सिस्टम इस समय दुश्मन के ड्रोन और मिसाइल हमलों का मुंहतोड़ जवाब दे रहा है। सुबह से ही आसमान में धमाकों की आवाजें सुनी जा रही हैं, जिससे नागरिकों में चिंता का माहौल है। हालांकि, सेना ने साफ किया है कि इन धमाकों की आवाजें सुरक्षा प्रणालियों द्वारा दुश्मन के हमलों को हवा में ही नष्ट करने के कारण आ रही हैं और स्थिति नियंत्रण में है।

कुवैत सेना और सरकार ने हमलों पर क्या कहा?

कुवैत के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ ने आधिकारिक बयान जारी कर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। सेना ने कहा है कि उनका एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह से काम कर रहा है और आने वाले खतरों को नाकाम कर रहा है। कुवैत कैबिनेट ने इन लगातार हो रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। सरकार ने इन हमलों को कुवैत की संप्रभुता का सीधा उल्लंघन और आम लोगों की जिंदगी के लिए बड़ा खतरा बताया है। इसके लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया गया है।

सुरक्षा बलों की नागरिकों को सलाह और पहले हुए नुकसान की जानकारी

कुवैत रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल सऊद अब्दुलअज़ीज़ अल-ओतैबी ने सभी नागरिकों और प्रवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि लोग केवल आधिकारिक स्रोतों से मिलने वाली जानकारी पर ही भरोसा करें। अगर कहीं भी कोई संदिग्ध मलबा दिखाई दे, तो तुरंत आपातकालीन नंबर 112 पर कॉल करके इसकी सूचना दें। इससे पहले 3 जून 2026 को हुए हमले में कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाया गया था, जिसमें एक भारतीय नागरिक की जान चली गई थी और कई अन्य लोग घायल हुए थे। इस घटना पर कुवैत में भारतीय दूतावास ने गहरा दुख जताया है। अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने भी पुष्टि की है कि उन्होंने कुवैत में मौजूद अमेरिकी बलों को निशाना बनाकर दागे गए ईरानी ड्रोनों को मार गिराया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत में धमाकों की तेज आवाजें क्यों सुनाई दे रही हैं?

कुवैत की सेना के अनुसार, ये आवाजें राष्ट्रीय एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा दुश्मन के मिसाइल और ड्रोन हमलों को हवा में ही नष्ट करने के कारण आ रही हैं।

क्या कुवैत में हुए इन हमलों में किसी की जान गई है?

हां, 3 जून 2026 को कुवैत एयरपोर्ट के पास हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे।

सैनिक अधिकारियों ने नागरिकों को क्या निर्देश दिए हैं?

नागरिकों को अफवाहों से बचने, आधिकारिक खबरों पर भरोसा करने और किसी भी संदिग्ध मलबे की जानकारी तुरंत 112 नंबर पर देने के लिए कहा गया है।