कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 पर हुए भीषण ड्रोन और मिसाइल हमले के बाद खाड़ी देशों में हड़कंप मच गया है। इस हमले में एक भारतीय नागरिक की जान चली गई है और कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। कुवैती सेना ने दावा किया है कि उन्होंने हवा में ही कई मिसाइलों और ड्रोनों को मार गिराया, लेकिन कुछ ड्रोन सीधे एयरपोर्ट पर जाकर गिरे जिससे वहां भारी नुकसान हुआ है। इस घटना के बाद कुवैत में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और लगातार यात्रा करने वाले लोगों के बीच काफी चिंता का माहौल देखा जा रहा है।

🗞️: UAE में सैलरी देने का नियम हुआ आसान, अब मोबाइल ऐप से सीधे खाते में जाएगा पैसा, ADIB ने शुरू की नई सर्विस

कुवैत सरकार और सेना ने क्या कड़े कदम उठाए हैं?

कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि उनकी सेना ने देश की हवाई सीमा में घुसे 13 बैलिस्टिक मिसाइल और 17 खतरनाक ड्रोनों का सामना किया और उन्हें मार गिराया। हालांकि, कुछ ड्रोन एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 (T1) से टकरा गए जिससे वहां काफी भौतिक नुकसान हुआ है। इसके बाद कुवैत सरकार ने बड़ा और कड़ा राजनयिक कदम उठाते हुए ईरान के दूतावास के स्टाफ की संख्या को कम करने का फैसला किया है। कुवैत ने दो ईरानी राजनयिकों को ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ घोषित किया है और उन्हें 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया है। इस हमले के तुरंत बाद सुरक्षा कारणों से कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर विमानों का संचालन पूरी तरह से रोक दिया गया है और कुवैत एयरवेज की सेवाएं भी निलंबित कर दी गई हैं।

भारतीय दूतावास और राजदूत का क्या कहना है?

हमले की जानकारी मिलते ही कुवैत में भारत की राजदूत पारमिता त्रिपाठी तुरंत हरकत में आईं। उन्होंने सेंट्रल मोर्चरी का दौरा किया जहां मृतक भारतीय नागरिक का शव रखा गया है। उन्होंने कुवैत के क्रिमिनल एविडेंस विभाग के जनरल मैनेजर ब्रिगेडियर अब्दुलराहीम अल-अवधी से मुलाकात की और शव को जल्द से जल्द भारत भेजने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा है। इसके साथ ही भारतीय राजदूत ने कुवैत के अलग-अलग अस्पतालों में जाकर घायल भारतीय नागरिकों से भी मुलाकात की और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिया। भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने भी इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है और कहा है कि नागरिक बुनियादी ढांचे पर ऐसे हमले तुरंत रुकने चाहिए।

अन्य देशों और प्रवासियों पर इसका क्या असर हुआ है?

इस हमले के बाद केवल भारत ही नहीं बल्कि अन्य देशों के दूतावास भी अलर्ट पर हैं। श्रीलंका दूतावास ने पुष्टि की है कि उनके तीन नागरिक इस हमले में घायल हुए हैं। फिलीपींस और श्रीलंका के दूतावासों ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी कर उन्हें सतर्क रहने और कुवैती प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। सऊदी अरब ने भी कुवैत पर हुए इस हमले की कड़ी निंदा की है और कुवैत का समर्थन किया है। कुवैत के स्वास्थ्य मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता डॉ. अब्दुल्ला अल-सनद के मुताबिक, अस्पतालों में कुल 63 घायल लोगों को भर्ती कराया गया है जिनका इलाज लगातार चल रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत एयरपोर्ट हमले में कितने लोग घायल हुए हैं और क्या किसी की मौत हुई है?

कुवैत एयरपोर्ट पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है और कुल 63 लोग घायल हुए हैं, जिनमें कुछ भारतीय और श्रीलंकाई नागरिक भी शामिल हैं।

कुवैत सरकार ने इस हमले के बाद ईरान के खिलाफ क्या कार्रवाई की है?

कुवैत ने ईरान के दूतावास के स्टाफ की संख्या को घटाने का फैसला किया है और दो ईरानी राजनयिकों को 24 घंटे के अंदर देश छोड़ने का आदेश दिया है।

क्या कुवैत एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन बंद कर दिया गया है?

हां, इस हमले के बाद सुरक्षा को देखते हुए कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर विमानों का संचालन पूरी तरह से रोक दिया गया है और कुवैत एयरवेज ने भी उड़ानों को निलंबित किया है।