खाड़ी देश कुवैत से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पैसेंजर टर्मिनल पर हुए एक बड़े हमले के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। इस हमले में वहां काम करने वाले एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है और 63 अन्य लोग घायल हुए हैं। इस घटना के बाद कुवैत और अमेरिका ने सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि ईरान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। कुवैत में रह रहे लाखों भारतीय प्रवासियों के लिए यह खबर काफी परेशान करने वाली है क्योंकि इससे हवाई सेवाओं पर भी असर पड़ा है।

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ईरान ने आरोपों को नकारा, अमेरिका के पेट्रियट मिसाइल सिस्टम पर फोड़ा ठीकरा

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता हुसैन मोहेब्बी ने 3 जून 2026 को आधिकारिक बयान जारी कर इस हमले में अपनी भूमिका से साफ इनकार किया है। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, प्रवक्ता ने दावा किया कि उनके एयरोस्पेस बल ने कुवैत के पैसेंजर टर्मिनल को निशाना बनाकर कोई मिसाइल नहीं दागी थी।

ईरान का दावा है कि पैसेंजर टर्मिनल को जो नुकसान पहुंचा है, वह असल में अमेरिका के पेट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम के खराब होने की वजह से हुआ है। उनके मुताबिक, अमेरिकी डिफेंस सिस्टम ईरानी मिसाइलों को रोकने में नाकाम रहा और उसका एक हिस्सा खुद ही टर्मिनल पर जा गिरा। हालांकि, ईरान ने यह जरूर माना है कि उसने कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने और बहरीन में अमेरिकी पांचवें बेड़े के मुख्यालय पर जवाबी हमले किए थे।

कुवैत और अमेरिका का दावा: ईरान ने जानबूझकर किया ड्रोन हमला

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के इन दावों को पूरी तरह से झूठा बताया है। अमेरिकी सेना का कहना है कि ईरान ने जानबूझकर और बिना किसी उकसावे के इस नागरिक हवाई अड्डे पर ड्रोन से हमला किया था। कुवैत के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सऊद अब्दुलअजीज अल-अतवान ने भी इस बात की पुष्टि की है कि इस हमले में करीब 30 बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था, जिसे उन्होंने ईरानी आक्रामकता करार दिया है। इस हमले के कारण कुवैत एयरपोर्ट के टर्मिनल वन को बहुत भारी नुकसान पहुंचा है और वहां की सामान्य उड़ानें भी प्रभावित हुई हैं।

भारतीय प्रवासियों पर असर और कुवैत की बड़ी कार्रवाई

इस हमले का सबसे दुखद पहलू यह है कि इसमें एक भारतीय नागरिक की जान चली गई है और कई लोग घायल हुए हैं। कुवैत में बड़ी संख्या में भारतीय काम करते हैं और लगातार भारत और कुवैत के बीच यात्रा करते हैं, ऐसे में एयरपोर्ट पर सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

तनाव बढ़ता देख कुवैत सरकार ने ईरान के खिलाफ कड़ा कूटनीतिक रुख अपनाया है। कुवैत ने दो ईरानी राजनयिकों को अवांछित घोषित कर दिया है और उन्हें 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया है। इसके साथ ही कुवैत ने साफ किया है कि उसकी हवाई सीमा का इस्तेमाल ईरान पर किसी भी हमले के लिए नहीं किया गया था।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत एयरपोर्ट हमले में कितने लोग हताहत हुए हैं?

इस हमले में 1 भारतीय नागरिक की मौत हुई है और 63 अन्य लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा एयरपोर्ट के टर्मिनल वन को भारी नुकसान पहुंचा है।

ईरान ने इस हमले को लेकर क्या सफाई दी है?

ईरान के प्रवक्ता हुसैन मोहेब्बी ने कहा है कि उनकी सेना ने कुवैत एयरपोर्ट पर कोई मिसाइल नहीं दागी। उन्होंने दावा किया कि नुकसान अमेरिकी पेट्रियट मिसाइल सिस्टम के खराब होकर गिरने की वजह से हुआ है।

हमले के बाद कुवैत सरकार ने क्या कदम उठाया है?

कुवैत सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए दो ईरानी राजनयिकों को देश से बाहर निकालने का आदेश दिया है और उन्हें देश छोड़ने के लिए 24 घंटे का समय दिया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.