कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बुधवार, 3 जून 2026 को ईरान की तरफ से किए गए ड्रोन और मिसाइल हमले ने प्रवासियों को चिंता में डाल दिया है। इस भीषण हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है, जबकि 63 अन्य लोग घायल हुए हैं जिनमें कई भारतीय भी शामिल हैं। इस हादसे के बाद कुवैत में भारत की राजदूत पारमिता त्रिपाठी तुरंत एक्शन में आ गईं और उन्होंने अस्पताल जाकर घायल भारतीय नागरिकों का हाल जाना। इसके साथ ही वह मृतक भारतीय के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत भेजने की कोशिशों में जुट गई हैं।

👉: सऊदी और रूस की बड़ी बैठक, दुनिया में तेल सप्लाई और एनर्जी संकट को लेकर दी बड़ी चेतावनी, अब क्या होगा?

कुवैत में भारतीय राजदूत ने क्या कदम उठाए हैं?

कुवैत में भारतीय राजदूत पारमिता त्रिपाठी ने बुधवार की रात और गुरुवार, 4 जून 2026 को कुवैत के सेंट्रल मॉर्च्युरी (शवगृह) का दौरा किया, जहां मृतक भारतीय नागरिक के पार्थिव शरीर को रखा गया है। उन्होंने जनरल डिपार्टमेंट ऑफ क्रिमिनल एविडेंस के ब्रिगेडियर अब्दुलराहीम अल-अवादी से मुलाकात की और कानूनी प्रक्रियाओं की समीक्षा की ताकि शव को जल्द से जल्द भारत भेजा जा सके।

भारतीय राजदूत ने स्थानीय अस्पतालों का भी दौरा किया और वहां इलाज करा रहे घायल भारतीय नागरिकों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने घायल प्रवासियों को आश्वासन दिया कि भारतीय दूतावास उनके इलाज और हर संभव मदद के लिए कुवैती अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में बना हुआ है।

इस हमले पर कुवैत और भारत सरकार ने क्या कड़े कदम उठाए हैं?

इस बड़े हमले के बाद कुवैत और भारत दोनों देशों की सरकारों ने सख्त रुख अपनाया है:

  • कुवैत रक्षा मंत्रालय का बयान: कुवैत के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल सौद अब्दुलअजीज अल-अतवान ने इसे ईरान की तरफ से किया गया एक आपराधिक हमला बताया है जिससे संपत्तियों को भारी नुकसान हुआ है।
  • राजनयिक कार्रवाई: कुवैत के विदेश मंत्रालय ने ईरान के चार्ज डी अफेयर्स को तलब कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है और दो ईरानी राजनयिकों को देश से बाहर निकाल दिया है।
  • फ्लाइट्स पर असर: कुवैत सिविल एविएशन एजेंसी ने हमले के बाद टर्मिनल 1 से सभी उड़ानों को रोक दिया और रूट बदल दिए। हालांकि, बाद में टर्मिनल 4 से कुछ विमानों का संचालन दोबारा शुरू किया गया।
  • भारत सरकार का रुख: भारत के विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और मृतक के परिवार को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत एयरपोर्ट पर यह हमला कब हुआ था?

यह हमला बुधवार, 3 जून 2026 को कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुआ था, जिसमें ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया था।

इस हमले में कितने भारतीय प्रभावित हुए हैं?

इस हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हुई है और कुल 63 लोग घायल हुए हैं, जिनमें कई भारतीय नागरिक भी शामिल हैं जिनका इलाज कुवैत के अस्पतालों में चल रहा है।

भारतीय दूतावास प्रभावितों की क्या मदद कर रहा है?

भारतीय राजदूत पारमिता त्रिपाठी खुद मामले की निगरानी कर रही हैं। दूतावास घायल भारतीयों के इलाज की देखरेख कर रहा है और मृतक के शव को जल्द भारत भेजने के लिए कुवैती अधिकारियों से तालमेल बना रहा है।