कुवैत और खाड़ी देशों में तनाव काफी बढ़ गया है। ईरान की तरफ से कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर किए गए ड्रोन और मिसाइल हमले के बाद सऊदी अरब पूरी तरह से कुवैत के साथ खड़ा नजर आ रहा है। 4 जून 2026 को सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्राह जाबेर अल-अहमद अल-सबाह को फोन कर इस बर्बर हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। इस हमले में कुवैत में रह रहे एक भारतीय नागरिक की भी जान चली गई है, जिससे खाड़ी में रहने वाले प्रवासियों और यात्रियों में चिंता बनी हुई है।
कुवैत एयरपोर्ट पर हुए हमले में क्या नुकसान हुआ?
3 जून 2026 को ईरान की तरफ से कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 को निशाना बनाकर ड्रोन और मिसाइल से हमला किया गया था। इस भीषण हमले में निम्नलिखित नुकसान दर्ज किए गए हैं:
- इस हमले में वहां काम करने वाले एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई और कम से कम 63 लोग घायल हो गए।
- कुवैत की सेना ने बताया कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने कुवैती हवाई क्षेत्र में घुसे 13 बैलिस्टिक मिसाइलों और 17 ड्रोनों को मार गिराया।
- हमले की वजह से एयरपोर्ट के टर्मिनल और आसपास के नागरिक बुनियादी ढांचे के साथ-साथ कुछ राजनयिक दूतावासों को भी नुकसान पहुंचा है।
सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों ने क्या प्रतिक्रिया दी?
इस हमले के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र के देश कुवैत के समर्थन में आ गए हैं। सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने कुवैत के साथ-साथ बहरीन के विदेश मंत्री से भी बात की, क्योंकि बहरीन को निशाना बनाकर भी मिसाइलें दागी गई थीं। सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान ने बहरीन के राजा से बात कर उन्हें सुरक्षा और स्थिरता के लिए पूरे समर्थन का भरोसा दिया है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद ने भी इस हमले की निंदा की और कहा कि कुवैत की सुरक्षा पूरे खाड़ी देशों की सुरक्षा से जुड़ी हुई है।
कुवैत सरकार ने ईरान के खिलाफ क्या कड़े कदम उठाए हैं?
अपनी संप्रभुता पर हुए इस हमले के बाद कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इसे एक ‘रेड लाइन’ बताया है जिसे पार नहीं किया जा सकता। कुवैत ने तुरंत कार्रवाई करते हुए निम्नलिखित कदम उठाए हैं:
- कुवैत ने अपने देश से दो ईरानी राजनयिकों को निष्कासित कर दिया है और उन्हें 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का अल्टीमेटम दिया है।
- कुवैत में मौजूद ईरानी दूतावास के कर्मचारियों की संख्या को भी काफी कम कर दिया गया है।
- अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के उस दावे को खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि नुकसान अमेरिकी मिसाइल डिफेंस सिस्टम की खराबी से हुआ था। अमेरिका ने साफ किया कि यह ईरान द्वारा कुवैत के नागरिक हवाई अड्डे पर किया गया एक सोचा-समझा और सीधा हमला था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कुवैत एयरपोर्ट पर हुए हमले में क्या किसी भारतीय की जान गई है?
हां, 3 जून 2026 को कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 पर हुए ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई और कम से कम 63 लोग घायल हुए हैं।
हमले के बाद कुवैत ने ईरान के खिलाफ क्या कड़ा एक्शन लिया है?
कुवैत ने कड़ा रुख अपनाते हुए दो ईरानी राजनयिकों को देश से बाहर निकाल दिया है और उन्हें देश छोड़ने के लिए 24 घंटे का समय दिया है। साथ ही ईरानी दूतावास के स्टाफ की संख्या भी घटा दी गई है।
क्या ईरान ने बहरीन पर भी हमले की कोशिश की थी?
हां, बहरीन के रक्षा मंत्रालय के अनुसार उनके एयर डिफेंस ने ईरान द्वारा दागे गए तीन मिसाइलों और कई ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया और नष्ट कर दिया।
