कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक बड़ा सिगरेट तस्करी गिरोह पकड़ा गया है. हैरान करने वाली बात यह है कि इस तस्करी में एयरपोर्ट के अंदर काम करने वाले कस्टम्स स्टाफ के लोग ही शामिल थे. मिनिस्ट्री ऑफ इंटीरियर (MOI) ने इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

तस्करी करने का तरीका क्या था?

इस गिरोह में दो कस्टम्स इंस्पेक्टर और एक बांग्लादेशी वर्कर शामिल थे. जांच के दौरान बांग्लादेशी वर्कर के पास से 31 कार्टन सिगरेट बरामद हुए. पता चला कि एक कस्टम्स इंस्पेक्टर ने अपना बैंक कार्ड और वर्क परमिट दिया ताकि विदेशी यात्रियों के बोर्डिंग पास का इस्तेमाल कर ड्यूटी-फ्री दुकान से अवैध तरीके से सिगरेट खरीदी जा सके. वहीं दूसरे इंस्पेक्टर ने अपने पद का फायदा उठाकर सामान को ट्रांजिट एरिया से अपनी प्राइवेट गाड़ी में भरकर बाहर निकाला ताकि कस्टम्स की जांच से बचा जा सके.

अधिकारियों ने क्या कार्रवाई की?

इस ऑपरेशन को जनरल डिपार्टमेंट ऑफ क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन के एयरपोर्ट इन्वेस्टिगेशन विभाग और जनरल एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ कस्टम्स ने मिलकर पूरा किया. मिनिस्ट्री ऑफ इंटीरियर ने बयान दिया है कि कानून तोड़ने वाले और अपने पद का गलत इस्तेमाल करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. सभी आरोपियों और जब्त किए गए सामान को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सक्षम अधिकारियों को सौंप दिया गया है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत एयरपोर्ट तस्करी मामले में कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?

इस मामले में कुल तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें दो कस्टम्स इंस्पेक्टर और कस्टम्स विभाग में काम करने वाला एक बांग्लादेशी कर्मचारी शामिल है.

तस्करी के लिए किस तरह की चालाकी अपनाई गई थी?

आरोपियों ने विदेशी यात्रियों के बोर्डिंग पास का गलत इस्तेमाल कर ड्यूटी-फ्री शॉप से सिगरेट खरीदी और प्राइवेट गाड़ी के जरिए कस्टम्स प्रक्रिया को दरकिनार कर सामान बाहर निकाला.