कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बुधवार, 3 जून 2026 को हुए ड्रोन हमले के बाद वहां की स्वास्थ्य व्यवस्था हाई अलर्ट पर है। इस हमले में 63 लोग घायल हुए और एक भारतीय नागरिक की दुखद मौत हो गई। घायलों में बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल हैं। इस हादसे के बाद कुवैत के सेंट्रल ब्लड बैंक में खून की भारी कमी को देखते हुए बांग्लादेशी प्रवासियों ने एक बड़ा रक्तदान शिविर आयोजित किया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाए।
कुवैत एयरपोर्ट पर ड्रोन हमले में क्या हुआ और कितने लोग हुए घायल?
3 जून 2026 को कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 पर एक भयानक ड्रोन हमला हुआ। इस हमले में कुल 63 लोग घायल हुए, जिन्हें तुरंत अलग-अलग अस्पतालों जैसे फरवानिया, जाबेर, जहरा, अदन, अमिरी, सबाह और मुबारक अल-कबीर अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इस हादसे में एक भारतीय नागरिक की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 4 से 5 बांग्लादेशी नागरिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं जिनका इलाज फरवानिया अस्पताल में चल रहा है। हमले के बाद कुवैत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश में आपातकालीन योजना लागू कर दी है और सभी मेडिकल स्टाफ को अलर्ट पर रखा है।
खून की कमी को पूरा करने के लिए प्रवासियों ने कैसे की मदद?
घायलों के इलाज के लिए कुवैत सेंट्रल ब्लड बैंक में अचानक खून की भारी जरूरत पैदा हो गई। इस जरूरत को पूरा करने के लिए “बांग्लादेश कम्युनिटी कुवैत” के बैनर तले जबरिया के सेंट्रल ब्लड बैंक में 4 घंटे का एक विशेष रक्तदान अभियान चलाया गया। शाम 4:00 बजे से रात 8:00 बजे तक चले इस अभियान में कुल 211 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया, जिनमें से आवश्यक मेडिकल जांच के बाद 149 प्रवासियों ने सफलतापूर्व रक्तदान किया। बांग्लादेश के राजदूत मेजर जनरल सैयद तारिक हुसैन ने खुद अस्पतालों का दौरा कर घायलों का हाल जाना और सेंट्रल ब्लड बैंक में रक्तदान भी किया।
कुवैत सरकार और दूतावास ने प्रवासियों के लिए क्या सख्त नियम जारी किए?
हमले के बाद बांग्लादेश दूतावास ने प्रवासियों को सख्त हिदायत दी है कि वे किसी भी रॉकेट या ड्रोन हमले और सुरक्षा बलों की कार्रवाई की तस्वीरें या वीडियो न बनाएं। कुवैत के कानून के तहत ऐसी घटनाओं की रिकॉर्डिंग करना पूरी तरह से गैरकानूनी और दंडनीय अपराध माना जाता है। कुवैत के प्रधानमंत्री शेख अहमद अब्दुल्ला अल-अहमद अल-सबा, रक्षा मंत्री शेख अब्दुल्ला अली अब्दुल्ला अल-सलेम अल-सबा और गृह मंत्री शेख फहद यूसुफ सऊद अल-सबा ने भी प्रभावित इलाकों का दौरा किया और घायलों को हर संभव चिकित्सा सहायता प्रदान करने का भरोसा दिया।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्रोन हमला कब हुआ था?
कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्रोन हमला बुधवार, 3 जून 2026 को हुआ था, जिसमें 63 लोग घायल हुए और एक भारतीय नागरिक की जान गई।
क्या कुवैत में ड्रोन हमले का वीडियो बनाना या फोटो खींचना अपराध है?
हां, कुवैत के कानून के अनुसार किसी भी सैन्य कार्रवाई, ड्रोन हमले या मिसाइल इंटरसेप्शन की फोटो और वीडियो बनाना पूरी तरह से प्रतिबंधित और कानूनी रूप से दंडनीय अपराध है।
कुवैत में हुए इस हादसे के बाद कुल कितने लोगों ने रक्तदान किया?
ब्लड बैंक में खून की कमी को पूरा करने के लिए आयोजित ड्राइव में 211 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया, जिनमें से 149 प्रवासियों ने सफलतापूर्वक रक्तदान किया।
