कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए ड्रोन हमले को लेकर खाड़ी देशों में तनाव काफी बढ़ गया है। 9 जून 2026 को ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने अमेरिका पर एक बड़ा आरोप लगाया है। ईरान का दावा है कि कुवैत एयरपोर्ट पर हुआ हमला अमेरिका की एक सोची-समझी साजिश यानी ‘फॉल्स-फ्लैग’ ऑपरेशन था, ताकि वह अपने महंगे एंटी-ड्रोन सिस्टम खाड़ी देशों को बेच सके। इस बीच कुवैत ने अपने ऊपर हुए हमले की कड़ी निंदा की है और इस विवाद में अब कई बड़े खुलासे हो रहे हैं।

ईरान ने अमेरिका पर क्या आरोप लगाया है?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई का कहना है कि अमेरिका ने खुद नकली ‘Lucas’ ड्रोन का इस्तेमाल करके कुवैत एयरपोर्ट पर हमला करवाया। उनके मुताबिक, अमेरिका इस हमले का डर दिखाकर अपने ‘Powerus’ द्वारा विकसित किए गए एंटी-ड्रोन एयर डिफेंस सिस्टम को बेचना चाहता है। सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने भी इस बयान को जारी किया है। ईरान का कहना है कि यह पूरा खेल हथियार बेचने और मुनाफा कमाने के लिए रचा गया है। गौरतलब है कि 5 जून 2026 को ही अमेरिकी विदेश विभाग ने कुवैत को 1.98 अरब डॉलर के एंटी-ड्रोन सिस्टम बेचने के संभावित समझौते की जानकारी दी थी, जिसमें Anduril Industries मुख्य कॉन्ट्रैक्टर है।

3 जून को कुवैत एयरपोर्ट पर क्या हुआ था?

कुवैत के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल सऊद अब्दुलअज़ीज़ अल-ओतैबी ने पुष्टि की थी कि 3 जून 2026 को कुछ दुश्मन ड्रोनों ने कुवैत एयरपोर्ट के पैसेंजर टर्मिनल को निशाना बनाया था। इस भीषण हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और 63 लोग घायल हुए थे। हमले के कारण एयरपोर्ट को काफी नुकसान पहुंचा और उड़ानों को रोकना पड़ा था। इस घटना के बाद गुस्साए कुवैत ने सख्त कदम उठाते हुए दो ईरानी राजनयिकों को अपने देश से बाहर निकाल दिया था।

अमेरिका और ईरानी सेना का इस पर क्या रुख है?

इस पूरे मामले में अलग-अलग पक्षों के अपने दावे हैं:

  • ईरानी सेना (IRGC) का दावा: आईआरजीसी के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल हुसैन मोहेबी ने हमले में ईरान का हाथ होने से साफ इनकार किया है। उन्होंने दावा किया कि कुवैत एयरपोर्ट पर हुआ नुकसान असल में वहां लगे अमेरिकी पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम के फेल होने और उसके खराब होकर गिरने की वजह से हुआ है।
  • अमेरिकी सेना (CENTCOM) का जवाब: अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के इन दावों को पूरी तरह झूठा बताया है। सेंटकॉम का कहना है कि ईरान ने जानबूझकर कुवैत के नागरिक एयरपोर्ट पर ड्रोन से हमला किया था। सेंटकॉम ने यह भी बताया कि 3 जून को अमेरिकी वायु रक्षा प्रणाली ने कुवैत में अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने आ रहे कई ईरानी ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया था।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत एयरपोर्ट हमले में कितने लोग हताहत हुए थे?

3 जून 2026 को कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए ड्रोन हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और 63 लोग घायल हुए थे, जिसके बाद उड़ानों को भी अस्थायी रूप से रोक दिया गया था।

‘Lucas’ ड्रोन क्या है जिसे लेकर विवाद हो रहा है?

ईरान का आरोप है कि ‘Lucas’ ड्रोन असल में उनके ‘Shahed’ ड्रोन की नकल है। अमेरिकी सेना ने फरवरी 2026 में पहली बार अपने इस ‘Lucas’ ड्रोन के इस्तेमाल की पुष्टि की थी, जिसे रिवर्स-इंजीनियरिंग के जरिए बनाया गया है।