कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हाल ही में हुए ड्रोन हमले के बाद ईंधन टैंक में लगी भीषण आग को सफलतापूर्वक बुझा लिया गया है। कुवैत फायर फोर्स (KFF) के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि यह ऑपरेशन लगातार 58 घंटों तक चला और 28 मार्च 2026 को आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। राहत की बात यह है कि इस पूरी घटना में किसी भी व्यक्ति की जान नहीं गई है और केवल सीमित भौतिक नुकसान हुआ है। सुरक्षा एजेंसियां अब हाई अलर्ट पर हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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हमले और बचाव कार्य से जुड़े मुख्य आंकड़े

कुवैत के रक्षा और अग्निशमन विभाग ने घटना की विस्तृत जानकारी साझा की है, जिसका विवरण नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:

विषय विवरण
हमले की तारीख 25 मार्च 2026
ऑपरेशन की अवधि 58 घंटे (28 मार्च को समाप्त)
हमले का कारण 2 ड्रोन का ईंधन टैंक से टकराना
हताहतों की संख्या शून्य (कोई घायल नहीं)
डिटेक्ट किए गए खतरे 20 बैलिस्टिक मिसाइल और 9 ड्रोन

सुरक्षा व्यवस्था और सरकारी कार्रवाई

कुवैत सरकार ने इस हमले को लेकर कड़ा रुख अपनाया है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई बड़े कदम उठाए हैं:

  • राजनयिक विरोध: कुवैत के विदेश मंत्रालय ने ईरान के राजदूत को तलब कर हमले पर कड़ी आपत्ति जताई है।
  • संयुक्त बचाव दल: आग बुझाने के काम में कुवैती सेना, नेशनल गार्ड और तेल क्षेत्र की इकाइयों ने फायर फोर्स का साथ दिया।
  • सिविल डिफेंस की सक्रियता: टीम ने गिरने वाले मलबे और अन्य स्ट्राइक से जुड़ी 82 अलग-अलग घटनाओं को संभाला।
  • यात्रियों के लिए सूचना: एयरपोर्ट प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इमरजेंसी प्रोटोकॉल के तहत उड़ान और सुरक्षा व्यवस्था सामान्य रखने की कोशिश की जा रही है।

कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहले भी मार्च महीने में ड्रोन हमले हो चुके हैं, जिसके बाद से सुरक्षा एजेंसियां काफी मुस्तैद हैं। प्रवासियों और यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.