कुवैत की सुरक्षा व्यवस्था उस समय अलर्ट पर आ गई जब 14 जुलाई 2026 को देश के आसमान में दुश्मन के ड्रोन और मिसाइल देखे गए। कुवैत की सेना ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि एयर डिफेंस सिस्टम ने इन खतरों को समय रहते हवा में ही मार गिराया है। इस दौरान रिहायशी इलाकों में धमाकों की आवाज सुनी गई, जिसे सेना ने रक्षात्मक कार्रवाई का हिस्सा बताया है।
लगातार हो रहे हमलों से बढ़ा तनाव
कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि 12 और 13 जुलाई को भी सीमावर्ती इलाकों और कुवैत ऑयल कंपनी के एक ड्रिलिंग प्लेटफॉर्म को निशाना बनाया गया था। इन हमलों में एक कर्मचारी घायल हुआ और काफी नुकसान भी हुआ है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, इन हमलों के पीछे ईरान का हाथ होने का शक है, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।
प्रवासियों के लिए सुरक्षा निर्देश
कुवैती सेना की ओर से आम जनता और वहां रह रहे प्रवासियों को सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी गई है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण होर्मज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के आसपास भी स्थिति काफी संवेदनशील बनी हुई है। सेना की ओर से जारी बयान में सुरक्षा और सतर्कता बरतने पर जोर दिया गया है।
