पोलैंड में कुवैत के राजदूत Saad Al-Muhaini ने ईरान द्वारा किए जा रहे हमलों और अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने साफ़ कहा कि ईरान की ये हरकतें समुद्री रास्तों की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक बड़ा खतरा साबित हो रही हैं। कुवैत ने स्पष्ट कर दिया है कि अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वह अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत कोई भी जरूरी कदम उठाने का पूरा अधिकार रखता है।

राजदूत Saad Al-Muhaini ने बैठक में क्या कहा?

वारसॉ में अरब देशों के राजदूतों और पोलैंड के विदेश मंत्री Radoslaw Sikorski के बीच एक अहम बैठक हुई। इस बैठक के बाद राजदूत Saad Al-Muhaini ने बताया कि ईरान के हमले कुवैत और पड़ोसी देशों की शांति को बिगाड़ रहे हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में जहाजों की आवाजाही की आज़ादी को लेकर भी चिंता ज़ाहिर की। कुवैत का मानना है कि इन हमलों से पूरे क्षेत्र का माहौल खराब हो रहा है और इस पर लगाम लगाना बहुत ज़रूरी है।

कुवैत सरकार और सुरक्षा से जुड़े मुख्य बिंदु

  • कुवैत ने UN Charter के आर्टिकल 51 के तहत अपनी आत्मरक्षा के अधिकार को दुनिया के सामने रखा है।
  • अमीर Sheikh Meshal Al-Ahmad Al-Sabah ने ईरान के इन हमलों को क्रूर बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है।
  • कुवैत प्रशासन ने साफ किया है कि उनकी ज़मीन या हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई के लिए नहीं किया गया है।
  • सऊदी अरब, UAE और जॉर्डन जैसे अन्य खाड़ी देशों पर भी हाल के दिनों में ड्रोन और मिसाइल हमले तेज़ हुए हैं।
  • संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी ईरान से इन हमलों को तुरंत रोकने की मांग की है।
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.