कुवैत और जॉर्डन ने अपनी सुरक्षा और सैन्य संबंधों को और मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कुवैत के फर्स्ट डिप्टी पीएम और गृह मंत्री Sheikh Fahad Yousef Saud Al-Sabah ने जॉर्डन की राजधानी अम्मान का दौरा किया और वहां के गृह मंत्री Mazen Al-Faraya के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग बढ़ाने, संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रमों को शुरू करने और सैन्य संबंधों को अधिक मजबूत करने पर चर्चा की गई।
सुरक्षा और सैन्य सहयोग को लेकर क्या बातचीत हुई?
बुधवार, 3 जून 2026 को हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में दोनों देशों के नेताओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा के मामलों पर चर्चा की। इस दौरान निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर सहमति बनी:
- संयुक्त प्रशिक्षण: दोनों देशों के बीच सुरक्षा बलों के लिए जॉइंट ट्रेनिंग प्रोग्राम का दायरा बढ़ाया जाएगा।
- विशेषज्ञता का आदान-प्रदान: कुवैत और जॉर्डन एक-दूसरे के साथ सुरक्षा और सैन्य मामलों में अपने अनुभव और विशेषज्ञता साझा करेंगे।
- सैन्य प्रमुखों की बातचीत: कुवैती सेना के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ Lt. Gen. Khaled Daraj Shuraiaan और जॉर्डन के सैन्य प्रमुख Maj. Gen. Yousef Al-Hunaiti ने भी सैन्य और रक्षा संबंधों को मजबूत करने के लिए अलग से बातचीत की।
जॉर्डन ने कुवैत की सुरक्षा के लिए जताया पूरा समर्थन
जॉर्डन के गृह मंत्री Mazen Al-Faraya ने कुवैत और जॉर्डन के बीच मजबूत सुरक्षा सहयोग की सराहना की। इसके साथ ही जॉर्डन ने कुवैत की सुरक्षा और संप्रभुता के प्रति अपना पूरा समर्थन जताया है। जॉर्डन ने हाल ही में कुवैत को निशाना बनाकर किए गए हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की। जॉर्डन के अधिकारियों ने साफ किया कि वे कुवैत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए उठाए जाने वाले हर कदम में कुवैत के साथ खड़े हैं। इसके साथ ही उन्होंने क्षेत्रीय तनाव को कम करने और दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में दखल न देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कुवैत और जॉर्डन के बीच यह बैठक कब और कहां आयोजित की गई थी?
यह बैठक बुधवार, 3 जून 2026 को जॉर्डन की राजधानी अम्मान में आयोजित की गई थी, जिसके बाद कुवैत के गृह मंत्री अपनी यात्रा पूरी कर वापस कुवैत लौट आए।
इस सुरक्षा बैठक में किन मुख्य मुद्दों पर चर्चा की गई?
बैठक में मुख्य रूप से सुरक्षा तालमेल बढ़ाने, दोनों देशों के बीच संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विस्तार करने और रक्षा संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा हुई।
