कुवैत की अदालत ने ड्रग्स तस्करी के मामले में एक बड़ा और कड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ऑफ अपील्स ने तीन ईरानी नागरिकों की मौत की सज़ा को बरकरार रखा है। इन लोगों को भारी मात्रा में नशीले पदार्थ देश के अंदर लाने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया था। यह फैसला कुवैत के ड्रग्स विरोधी सख्त कानूनों के तहत लिया गया है।
पकड़े जाने पर कितना ड्रग्स मिला और क्या था मामला?
सुरक्षा बलों ने इन तीनों आरोपियों को कुवैत के समुद्री क्षेत्र में Kubbar Island के पास से पकड़ा था। Coast Guard और Drug Control General Department (DCGD) ने मिलकर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया और एक समुद्री हमले के ज़रिए इन्हें दबोचा। तलाशी के दौरान इनके पास से 120 किलोग्राम से ज़्यादा हशीश और 10,000 नशीली गोलियां बरामद हुईं।
अदालत ने क्या फैसला सुनाया और कितना मिला था लालच?
29 अप्रैल 2026 को Court of Appeals ने निचली अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए मौत की सज़ा को बरकरार रखा। इस मामले की सुनवाई जज Abdullah Al-Sanea, Saud Al-Mutairi और Bassam Al-Ghunaim ने की। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कबूल किया कि इस तस्करी के बदले उन्हें हर एक को 10,000 दीनार देने का लालच दिया गया था।
कुवैत का ड्रग्स तस्करी पर क्या नियम है?
कुवैत में नशीले पदार्थों की तस्करी, खासकर समुद्री रास्ते से तस्करी करने वालों के खिलाफ बहुत सख्त कानून हैं। देश की सुरक्षा और लोगों की सेहत को खतरे में डालने वाले ऐसे अपराधों के लिए वहां की कानून व्यवस्था मौत की सज़ा तक का प्रावधान रखती है। कोर्ट ने अपील में दिए गए सभी तर्कों को खारिज कर दिया और सज़ा को कायम रखा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
तीन ईरानियों को मौत की सज़ा क्यों मिली?
इन आरोपियों को कुवैत के समुद्री क्षेत्र में 120 किलो से ज़्यादा हशीश और 10,000 नशीली गोलियों की तस्करी करते हुए पकड़ा गया था।
आरोपियों को इस काम के लिए कितने पैसे दिए जाने थे?
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि उन्हें इस तस्करी के बदले में प्रति व्यक्ति 10,000 दीनार देने का वादा किया गया था।