कुवैत सिटी में भारत और कुवैत के बीच रक्षा संबंधों को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। कुवैत सशस्त्र बल के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल खालिद दराज साद अल-शुरैयन ने भारतीय राजदूत प्रोमिता त्रिपाठी से मुलाकात की। इस बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग, ट्रेनिंग और रक्षा निर्माण को लेकर गंभीर चर्चा हुई। इस बैठक से दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को एक नई दिशा मिलेगी।

बैठक में किन मुख्य मुद्दों पर हुई चर्चा?

इस बैठक में दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद रक्षा सहयोग समझौते के तहत बातचीत की गई। इस दौरान सुरक्षा और सैन्य क्षमता को बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी:

  • सैन्य प्रशिक्षण: दोनों देशों के सैनिकों के लिए संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण की शुरुआत की जाएगी।
  • संयुक्त बैठकें: संयुक्त रक्षा सहयोग समिति की नियमित बैठकें आयोजित करने पर सहमति बनी।
  • रक्षा निर्माण: रक्षा उपकरणों के निर्माण और तकनीक साझा करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
  • नौसैनिक सहयोग: दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच आपसी तालमेल और सहयोग को मजबूत किया जाएगा।

बेल्जियम के प्रतिनिधि से भी की मुलाकात

भारतीय राजदूत से मुलाकात के अलावा, कुवैती सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल अल-शुरैयन ने बेल्जियम के प्रतिनिधि क्रिश्चियन डोम्स से भी मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान बेल्जियम और कुवैत के बीच आपसी संबंधों को बेहतर बनाने और विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त सहयोग बढ़ाने को लेकर जरूरी चर्चा की गई।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत के सेना प्रमुख और भारतीय राजदूत की यह बैठक कब हुई?

यह महत्वपूर्ण बैठक 22 मई 2026 को कुवैत सिटी में आयोजित की गई थी।

भारत और कुवैत के बीच इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या था?

बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच सैन्य प्रशिक्षण, नौसैनिक सहयोग और रक्षा निर्माण के क्षेत्र में आपसी सहयोग को मजबूत करना था।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.