कुवैत की सेना ने इलाके में मौजूद पुराने बमों और विस्फोटकों के टुकड़ों को हटाने का काम पूरा कर लिया है। सेना की एक खास टीम ने इन्हें सुरक्षित तरीके से नष्ट किया ताकि आम लोगों को भविष्य में कोई खतरा न रहे। सरकार ने जनता से अपील की है कि इस दौरान सुनाई देने वाली धमाकों की आवाज़ों से डरने या घबराने की ज़रूरत नहीं है।

यह ऑपरेशन कब और क्यों किया गया?

यह पूरी कार्रवाई 12 अप्रैल 2026 की सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच हुई। Land Force Engineering Branch की विशेष टीम ने ज़मीन में दबे पुराने सैन्य अवशेषों और श्रापनेल को खोजकर उन्हें हटाया। इसका मुख्य मकसद कुवैत की सरज़मीं को पुराने विस्फोटकों से साफ़ करना और सुरक्षा बढ़ाना था।

जनता के लिए सेना ने क्या कहा?

General Staff of the Army ने जानकारी दी कि धमाकों की आवाज़ें इस प्रक्रिया का हिस्सा थीं और यह पूरी तरह कंट्रोल में था। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि यह ऑपरेशन सख्त सुरक्षा नियमों के तहत किया गया है। इस काम को करने के लिए Explosive Ordnance Disposal (EOD) टीम की मदद ली गई ताकि आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित रहे।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.