Kuwait Army का बड़ा ऑपरेशन, धमाकों की आवाज़ से न घबराएं लोग, आज शाम 6 बजे तक चलेगा काम.
Kuwait Army की इंजीनियरिंग यूनिट आज शाम 6 बजे तक देश के अलग-अलग हिस्सों से विस्फोटक अवशेष और छर्रे हटाने का काम कर रही है। इस काम के दौरान कई जगहों पर धमाकों जैसी आवाज़ें सुनाई दे सकती हैं, जिसे लेकर सेना ने पहले ही जानकारी दे दी है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे बिल्कुल न घबराएं क्योंकि यह एक सुरक्षित प्रक्रिया है।
धमाकों की आवाज़ क्यों आ रही है?
सेना की Land Forces Engineering Corps की EOD टीम पुराने हमलों के बाद बचे हुए खतरनाक मलबे और विस्फोटक छर्रों को नष्ट कर रही है। यह काम आम लोगों की सुरक्षा के लिए किया जा रहा है ताकि किसी को चोट न पहुंचे। अधिकारियों ने साफ कहा है कि ये आवाज़ें किसी नए हमले की नहीं, बल्कि पुराने मलबे को सुरक्षित तरीके से खत्म करने की प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
कुवैत में हाल ही में हुई मुख्य घटनाएं
पिछले कुछ दिनों में कुवैत ने कई सुरक्षा चुनौतियों का सामना किया है। ईरान की तरफ से आए ड्रोनों और हमलों के बाद सेना और अन्य विभाग लगातार काम कर रहे हैं। नीचे दी गई तालिका में हालिया गतिविधियों की जानकारी दी गई है:
| तारीख | घटना/कार्यवाही |
|---|---|
| 21 अप्रैल, 2026 | MEW के इंजीनियर बिजली और पानी की लाइनों को ठीक करने के लिए 24 घंटे काम कर रहे हैं। |
| 12 अप्रैल, 2026 | EOD दल ने सुबह 10 से दोपहर 12 बजे के बीच विस्फोटक मलबे को निष्क्रिय किया। |
| 11 अप्रैल, 2026 | सड़कों पर मौजूद करीब 20 विस्फोटक खतरों को खत्म किया गया। |
| 10 अप्रैल, 2026 | National Guard के ठिकानों पर ड्रोन हमला हुआ, जिससे आर्थिक नुकसान हुआ। |
| 8 अप्रैल, 2026 | वायु रक्षा प्रणालियों ने ईरान से आए 28 ड्रोनों को मार गिराया। |
| 6 अप्रैल, 2026 | EOD टीमों ने मलबे से जुड़ी 21 शिकायतों पर कार्रवाई की। |
| 4 अप्रैल, 2026 | रक्षा मंत्री शेख अब्दुल्ला अली अब्दुल्ला अल-सलेम अल-सबाह ने सेना की तैयारी जांची। |
आम लोगों और प्रवासियों के लिए क्या निर्देश हैं?
Interior Ministry के प्रवक्ता Brigadier Nasir Bouslaib ने लोगों से सुरक्षा नियमों का पालन करने को कहा है। कुवैत में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासी ध्यान रखें कि किसी भी अनजान वस्तु या मलबे वाले इलाके के पास न जाएं। अगर आपको कोई संदिग्ध चीज़ दिखे, तो बिना देरी किए आपातकालीन सेवाओं को सूचित करें। सरकार ने UN Security Council से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।