कुवैत की सेना ने रविवार सुबह (1 मार्च 2026) देश के दक्षिणी हिस्से में कई ‘दुश्मन हवाई टारगेट’ को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया और उन्हें हवा में ही नष्ट कर दिया। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल सऊद अल-अतवान ने इसकी पुष्टि की है और बताया कि सेना देश की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। यह घटना तब हुई जब क्षेत्र में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ा हुआ है और जवाबी हमले देखे जा रहे हैं।

क्या हुआ था सुबह और क्या है लोगों के लिए सलाह?

मंत्रालय के आधिकारिक बयान के मुताबिक, कुवैत एयर डिफेंस फोर्स ने अपनी क्षमता दिखाते हुए इन हमलों को नाकाम कर दिया। रविवार की सुबह हुई इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है, लेकिन इससे पहले शनिवार को अली अल-सलेम एयर बेस (Ali Al-Salem Air Base) पर हुए हमलों में मलबे गिरने से तीन सैनिक मामूली रूप से घायल हुए थे। सेना ने सभी नागरिकों और वहां रह रहे प्रवासियों को सख्त हिदायत दी है कि वे जमीन पर पड़े किसी भी धातु के टुकड़े या अजीब वस्तु को न छुएं और न ही उसके पास जाएं। अगर कुछ भी संदिग्ध दिखे तो तुरंत इमरजेंसी नंबर 112 पर रिपोर्ट करें।

हवाई अड्डों और फ्लाइट्स पर क्या असर पड़ा?

सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन ने शनिवार शाम को ही कुवैत का एयरस्पेस सभी कमर्शियल और यात्री उड़ानों के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दिया था। इसके कारण कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कई फ्लाइट्स रद्द हुई हैं और यात्रियों को देरी का सामना करना पड़ा है। भारत और अन्य देशों के लिए यात्रा करने वाले प्रवासियों को सलाह दी जाती है कि एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी एयरलाइन से संपर्क करें। फिलहाल कुवैत सेना ‘फुल कॉम्बैट रेडिनेस’ मोड में है और सीमाओं की निगरानी बढ़ा दी गई है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.