कुवैत के आसमान में 12 जुलाई 2026 को भारी हलचल रही जब यहाँ की सेना ने दुश्मन के हवाई हमलों को नाकाम कर दिया। कुवैत की आर्मी जनरल स्टाफ ने बताया कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने आने वाली मिसाइलों और ड्रोन्स को बीच हवा में ही मार गिराया। इस दौरान पूरे देश में चेतावनी के सायरन बजाए गए और लोगों को धमाकों की आवाज़ें सुनाई दीं।
यह पूरा मामला 2026 के ईरान युद्ध से जुड़ा है। खबर के मुताबिक, ईरान ने कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाने के लिए ये हमले किए थे। दरअसल, इससे पहले अमेरिका ने ईरान के कुछ सैन्य ठिकानों पर हमला किया था, जिसके जवाब में ईरान ने यह कार्रवाई की।
कुवैत न्यूज़ एजेंसी (KUNA) और सरकारी अधिकारियों ने जनता से अपील की कि वे सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। अधिकारियों ने साफ किया कि जो धमाकों की आवाज़ें आईं, वे एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा मिसाइलों को रोकने का नतीजा थीं। हालांकि, 12 जुलाई के इस हमले में कुल कितने ड्रोन या मिसाइलें गिराए गए और किसी के हताहत होने की अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है।
पिछले कुछ दिनों से कुवैत में हमलों का सिलसिला बढ़ा है। इससे पहले 8 जुलाई को सेना ने 2 बैलिस्टिक मिसाइलों और 13 ड्रोन्स को इंटरसेप्ट किया था, जिसमें कोई नुकसान नहीं हुआ। वहीं 9 जुलाई को 14 हवाई खतरों को रोका गया, जिनमें 3 बैलिस्टिक मिसाइल, 1 क्रूज मिसाइल और 10 ड्रोन शामिल थे। उस दिन मलबे की वजह से एक व्यक्ति घायल हुआ था, जिसकी हालत अब स्थिर है।
