कुवैत की शांति शुक्रवार 17 जुलाई 2026 को उस समय भंग हो गई जब देश के हवाई क्षेत्र में दुश्मन की ओर से बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे गए। कुवैत के रक्षा बलों ने मुस्तैदी दिखाते हुए इन हमलों को इंटरसेप्ट किया। इस दौरान पूरे देश में धमाकों की आवाजें सुनाई दीं, जिन्हें रक्षा बलों ने अपनी जवाबी कार्रवाई का हिस्सा बताया है।
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हमले में सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान
कुवैत रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता Colonel Saud Abdulaziz Al-Atwan ने इस घटना को ‘ईरान की आक्रामक कार्रवाई’ करार दिया है। हमले में एक पावर प्लांट और पानी को शुद्ध करने वाले प्लांट को नुकसान पहुंचा है, जिसके बाद वहां आग लग गई। इसके अलावा कुवैत ऑयल कंपनी के एक ऑफशोर ड्रिलिंग प्लेटफॉर्म और देश के उत्तरी बॉर्डर पर तीन पोस्ट को भी नुकसान हुआ है।
प्रवासी और सुरक्षा बलों पर असर
इस हमले में कई लोग घायल हुए हैं, जिनमें कुवैत लैंड फोर्स के जवान, नौसेना के 4 क्रू मेंबर और एक ऑफशोर ड्रिलिंग प्लेटफॉर्म पर काम करने वाला वर्कर शामिल है। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। सरकार ने नागरिकों और वहां रह रहे प्रवासियों को धैर्य रखने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। देश ने अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए सभी कानूनी कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित रखा है।
