कुवैत के अटॉर्नी जनरल Saad Al-Safran ने देश की सुरक्षा और कानूनी ढांचे को और भी आधुनिक बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। निर्णय संख्या (107) के जरिए अब कुवैत में ‘राज्य सुरक्षा, आतंकवाद और उसके वित्तपोषण’ की जांच के लिए एक अलग विभाग (Prosecution) की स्थापना की गई है। यह कदम 30 मार्च 2026 को लिया गया है और इसका मुख्य लक्ष्य देश की आपराधिक न्याय प्रणाली को समय के साथ अपडेट करना है।

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इस नए फैसले की मुख्य बातें और नियम

कुवैत सरकार के इस नए आदेश के बाद अब सुरक्षा से जुड़े मामलों की सुनवाई और जांच का तरीका बदल जाएगा। विभाग ने निम्नलिखित बातों पर ज़ोर दिया है:

  • राज्य की सुरक्षा को खतरे में डालने वाले अपराधों की अब विशेष विभाग द्वारा जांच होगी।
  • आतंकवाद को मिलने वाले किसी भी प्रकार के धन या फाइनेंसिंग की बारीकी से जांच की जाएगी।
  • इस नए सिस्टम के तहत कानूनी प्रक्रियाओं को और अधिक सरल और आधुनिक बनाया जाएगा।
  • यह फैसला Public Prosecution of Kuwait (@PPGOVKW) की देखरेख में लागू किया गया है।
  • जासूसी और संप्रभुता से जुड़े पुराने मामलों पर भी अब नए तरीके से निगरानी रखी जाएगी।

प्रवासियों और आम जनता पर इसका क्या असर होगा?

कुवैत में रहने वाले लाखों प्रवासियों, जिनमें भारतीय भी शामिल हैं, उनके लिए यह जानना ज़रूरी है कि सुरक्षा कानून अब और भी कड़े हो गए हैं। पिछले कुछ दिनों में जासूसी और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाए गए लोगों पर कड़ी कार्रवाई हुई है। अटॉर्नी जनरल ने पहले ही कई गंभीर मामलों में मीडिया रिपोर्टिंग पर रोक लगा रखी है ताकि जांच प्रभावित न हो। इस नए विभाग के गठन से अब किसी भी संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट और उसकी कानूनी प्रक्रिया बहुत तेज़ी से पूरी होगी। कुवैत सरकार अपनी न्याय व्यवस्था में अपने नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने और बाहरी खतरों को खत्म करने की दिशा में काम कर रही है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com