20 जुलाई 2026 को तड़के Kuwait और Bahrain में एयर रेड सायरन बजने के बाद हड़कंप मच गया। ईरान के हमले की खबरों के बीच दोनों देशों ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया। Kuwaiti सेना ने पुष्टि की कि उनके रक्षा तंत्र ने आसमान में आ रहे संदिग्ध ड्रोन्स को नष्ट किया है। इस दौरान जो धमाकों की आवाज सुनी गई, वह उन्हीं इंटरसेप्शन का नतीजा थी।
US ठिकानों पर ईरान का हमला
ईरान के Islamic Revolutionary Guards Corps (IRGC) ने Kuwait में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले की जिम्मेदारी ली है। ईरान का दावा है कि उन्होंने Ali Al Salem Air Base पर बने एक वेयरहाउस, एयरक्राफ्ट पार्ट्स और MQ-9 ड्रोन हैंगर को निशाना बनाया, जिससे वहां मौजूद कई ड्रोन जलकर खाक हो गए। इसके अलावा, एक अमेरिकी रडार सिस्टम को भी नष्ट करने का दावा किया गया है।
लगातार हो रहे हैं हमले
यह हमला कोई इकलौती घटना नहीं है, बल्कि पिछले कुछ दिनों से तनाव काफी बढ़ गया है। 19 जुलाई को एक डिसेलिनेशन प्लांट पर लगातार दूसरे दिन हमला हुआ जिससे बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ। वहीं 18 जुलाई को एक तेल सुविधा केंद्र पर भी हमला किया गया था। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि वे ईरान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रहे हैं, ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही सुरक्षित रहे। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने भी दोहराया कि जब तक ईरान कमर्शियल शिपिंग पर हमले करेगा, वे उसे निशाना बनाते रहेंगे।
प्रवासियों के लिए जरूरी निर्देश
स्थानीय प्रशासन ने वहां रह रहे लोगों के लिए सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए हैं। Kuwait Ministry of Interior ने नागरिकों और प्रवासियों को शांत रहने की सलाह दी है। आपात स्थिति के दौरान गैस और बिजली के कनेक्शन बंद रखने, लिफ्ट का उपयोग न करने, ज्वलनशील पदार्थ हटाने और सुरक्षित ठिकानों या इमारत के निचले हिस्सों में जाने को कहा गया है। Kuwait Fire Force ने भी बचाव के तरीकों के बारे में जागरूकता वीडियो जारी किए हैं ताकि किसी भी अनहोनी की स्थिति में लोग खुद को सुरक्षित रख सकें।
