Kuwait और Bahrain में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। 21 जुलाई 2026 को कुवैत की सेना ने जानकारी दी कि उन पर फिर से ईरान की ओर से मिसाइल और ड्रोन से हमला किया गया है। वहीं, Bahrain के गृह मंत्रालय ने एयर रेड सायरन बजाकर लोगों को सतर्क किया और उनकी डिफेंस फोर्स ने ईरान के कई हवाई हमलों को हवा में ही नाकाम करने का दावा किया है।
हमलों का मुख्य कारण
ईरान के Revolutionary Guards (IRGC) ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। उनका कहना है कि उन्होंने Bahrain और Kuwait में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और रडार सिस्टम को निशाना बनाया है। इस तनाव की शुरुआत फरवरी 2026 में अमेरिका और इसराइल के संयुक्त सैन्य अभियान के बाद हुई थी।
प्रवासी और आम लोगों पर असर
इस हमले का असर आम लोगों की सुविधाओं पर भी पड़ा है। 20 जुलाई की रात को Kuwait के बिजली और पानी विभाग ने बताया कि कुछ पावर प्लांट और पानी साफ करने वाले प्लांट पर हमले हुए, जिससे वहां आग लग गई और कुछ समय के लिए बिजली-पानी की सप्लाई ठप हो गई थी। Bahrain की डिफेंस फोर्स ने सभी नागरिकों और प्रवासियों को सलाह दी है कि वे किसी भी संदिग्ध वस्तु या मलबे को न छुएं और तुरंत अधिकारियों को इसकी सूचना दें।
इसके अलावा, Jordan में भी ईरान की मिसाइलें और ड्रोन देखे गए, जिन्हें वहां की सेना ने मार गिराया। UAE के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है और कहा है कि ये हमले क्षेत्रीय सुरक्षा और शांति के लिए खतरा हैं।
