कुवैत और बहरीन में एक बार फिर मिसाइल और ड्रोन हमलों से हड़कंप मच गया है। कुवैत की सेना यानी जनरल स्टाफ ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि 6 जून 2026 की सुबह उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने दुश्मन के मिसाइल और ड्रोन हमलों को सफलतापूर्वक हवा में ही नष्ट कर दिया। इस हमले के बाद बहरीन में भी हवाई हमले के सायरन बजाए गए और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने जानकारी दी है कि ईरान की तरफ से कुवैत और बहरीन को निशाना बनाकर सात बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गई थीं।

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कुवैत और बहरीन पर कैसे हुआ हमला और सेना ने क्या कहा?

कुवैती सेना के जनरल स्टाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा की है। सेना ने बताया कि सुबह के समय जो तेज धमाकों की आवाजें सुनाई दी थीं, वे असल में एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा दुश्मन के हथियारों को हवा में ही नष्ट करने की थीं। इस हमले के दौरान बहरीन के गृह मंत्रालय ने भी अपने नागरिकों को अलर्ट करने के लिए हवाई हमले वाले सायरन बजाए और सभी को शांत रहकर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की हिदायत दी। सैन्य विश्लेषकों का कहना है कि कुवैत और ईरान के बीच की दूरी बहुत कम होने की वजह से कुवैत के डिफेंस सिस्टम के पास प्रतिक्रिया देने के लिए सिर्फ 45 सेकंड का समय रहता है।

अमेरिकी सेना और ईरान का इस हमले पर क्या दावा है?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने बताया कि ईरान ने कुवैत और बहरीन की तरफ सात बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं। अमेरिकी सुरक्षा बलों ने इनमें से छह मिसाइलों को बीच हवा में ही मार गिराया, जबकि सातवीं मिसाइल अपने निशाने तक पहुंचने से पहले ही नाकाम हो गई। वहीं दूसरी तरफ, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। ईरान ने दावा किया कि उन्होंने अमेरिकी सैन्य ठिकानों और बहरीन में मौजूद अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय को निशाना बनाया है। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान के इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि उनके किसी भी बेस या नौसैनिक मुख्यालय को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।

भारतीय प्रवासियों पर इन हमलों का क्या असर हुआ है?

कुवैत और बहरीन में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील समय है। इससे पहले 3 जून 2026 को कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पैसेंजर टर्मिनल पर एक बड़ा ड्रोन हमला हुआ था। उस हमले में एक भारतीय नागरिक की जान चली गई थी और करीब 63 लोग घायल हुए थे। भारतीय विदेश मंत्रालय ने उस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की थी। हालिया सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए कुवैत ने अमेरिका से एंटी-ड्रोन तकनीक खरीदने के लिए 1.98 बिलियन डॉलर के रक्षा सौदे को मंजूरी दी है ताकि भविष्य में ऐसे हमलों से निपटा जा सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या 6 जून को हुए मिसाइल हमले में कोई हताहत हुआ है?

कुवैती सेना और अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, 6 जून की सुबह हुए सभी मिसाइल और ड्रोन हमलों को एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही नष्ट कर दिया था, इसलिए इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

कुवैत पर हुए इस हमले की जिम्मेदारी किसने ली है?

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इन मिसाइल और ड्रोन हमलों की जिम्मेदारी ली है और दावा किया है कि उन्होंने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था।

कुछ दिन पहले कुवैत एयरपोर्ट पर हुए हमले में क्या नुकसान हुआ था?

3 जून को कुवैत एयरपोर्ट पर हुए ड्रोन हमले में एक भारतीय प्रवासी की मौत हो गई थी और पैसेंजर टर्मिनल को भारी नुकसान पहुंचा था, जिसके लिए कुवैत सरकार ने ईरान को जिम्मेदार ठहराया था।