कुवैत और बहरीन के बीच सुरक्षा के हालात को लेकर एक बड़ी बैठक हुई है। कुवैत के प्रथम उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री शेख फहद यूसुफ सऊद अल-सबा और बहरीन के गृह मंत्री जनरल शेख राशिद बिन अब्दुल्ला अल खलीफा ने मौजूदा सुरक्षा स्थिति पर चर्चा की। यह मीटिंग ऐसे समय में हुई है जब कुवैत में 16 आतंकियों की गिरफ्तारी हुई है और सुरक्षाबलों ने 7 दुश्मन ड्रोन को मार गिराया है।
मीटिंग में किन जरूरी मुद्दों पर हुई बात
दोनों देशों के गृह मंत्रियों ने साफ किया कि खाड़ी देशों की सुरक्षा एक है। किसी भी एक देश पर खतरा पूरे GCC देशों पर खतरा माना जाएगा। बैठक में अपराधियों और डिपोर्ट किए गए प्रवासियों के फिंगरप्रिंट डेटा को आपस में शेयर करने पर सहमति बनी है। इसके अलावा ड्रग्स के खिलाफ एक मजबूत गल्फ स्ट्रेटजी को लागू करने पर जोर दिया गया। कुवैत के गृह मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि देश की सुरक्षा और संप्रभुता एक ‘रेड लाइन’ है। किसी भी बाहरी आतंकी संगठन का समर्थन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आतंकी सेल का भंडाफोड़ और ड्रोन का खतरा
कुवैत के गृह मंत्रालय ने हाल ही में हिजबुल्लाह से जुड़े 16 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें 14 कुवैती और 2 लेबनानी नागरिक शामिल हैं जो देश की शांति को नुकसान पहुंचाने की योजना बना रहे थे। इसके साथ ही पिछले 24 घंटों में कुवैत नेशनल गार्ड ने कुवैत की सीमा में घुसे 7 दुश्मन ड्रोन को हवा में ही मार गिराया। रिपोर्ट के अनुसार फरवरी 2026 के अंत से ही कुवैत, बहरीन और UAE में ड्रोन और मिसाइल का खतरा बना हुआ है।
आम लोगों और हवाई यात्रियों के लिए अलर्ट
मौजूदा सुरक्षा स्थिति को देखते हुए आम नागरिकों, प्रवासियों और यात्रियों के लिए कुछ जरूरी नियम जारी किए गए हैं। कुवैत और बहरीन आने-जाने वाली कई फ्लाइट्स को 31 मार्च 2026 तक रद्द कर दिया गया है या उनके रूट बदल दिए गए हैं।
- यात्रियों को एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी एयरलाइन से फ्लाइट का स्टेटस चेक करने की सलाह दी गई है।
- गृह मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे केवल सरकारी चैनलों (CGCKuwait और KUNA) की जानकारी पर ही भरोसा करें।
- सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे फेक या AI से बनाए गए युद्ध के वीडियो से सावधान रहें।
- प्रवासी और नागरिक बिना पुष्टि के किसी भी तरह की अफवाह फैलाने से बचें।
