कुवैत सरकार ने देश की सुरक्षा को देखते हुए एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। कुवैत के उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री शेख फहद यूसुफ सऊद अल-सबाह ने साफ कर दिया है कि अगर कोई भी व्यक्ति आसमान में मिसाइल या ड्रोन को रोकते हुए यानी इंटरसेप्शन की फोटो या वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करेगा, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह नियम कुवैत में रहने वाले सभी नागरिकों और प्रवासियों पर समान रूप से लागू होगा।

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नए नियम और सख्त चेतावनी

कुवैत के गृह मंत्रालय ने कहा है कि लोग केवल सरकारी चैनलों से मिली खबरों पर ही यकीन करें। शेख फहद यूसुफ ने चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति मिसाइल के मलबे या डिफेंस ऑपरेशन की फुटेज रिकॉर्ड करके इंटरनेट पर डालेगा, उसे राष्ट्रीय सुरक्षा कानूनों के तहत गिरफ्तार किया जाएगा। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि देश की सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी बाहरी लोगों को न मिल सके और जनता में घबराहट पैदा न हो।

डिफेंस ऑपरेशन से जुड़े अहम आंकड़े

सेना की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार, कुवैत की एयर डिफेंस फोर्स पिछले कुछ दिनों से काफी सक्रिय है। हमलों को नाकाम करने के लिए सेना हर वक्त तैयार है और अब तक की स्थिति नीचे दी गई टेबल में देखी जा सकती है:

विवरण कुल संख्या / जानकारी
नष्ट की गई मिसाइलें 97 बैलिस्टिक मिसाइल
मार गिराए गए ड्रोन 283 ड्रोन
मुख्य निशाना Ali Al-Salem Air Base
जान-माल का नुकसान कोई हताहत नहीं

आम जनता और प्रवासियों के लिए निर्देश

कुवैत में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी गिरते हुए मलबे या संदिग्ध वस्तु के पास न जाएं और न ही उसे हाथ लगाएं। अगर कहीं मिसाइल के टुकड़े मिलते हैं, तो तुरंत पुलिस या सिविल डिफेंस के ऑपरेशन रूम को इसकी सूचना देनी चाहिए। शहर के अलग-अलग हिस्सों में सायरन भी बजाए जा रहे हैं ताकि लोग सुरक्षित स्थानों पर रुक सकें। सरकार ने साफ किया है कि देश में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सुरक्षा एजेंसियां तालमेल के साथ काम कर रही हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.