कुवैत में आजकल ऑनलाइन धोखाधड़ी और फर्जी बैंक लिंक के मामले बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। सेंट्रल बैंक और वहां के बैंक लोगों को बचाने के लिए अलर्ट जारी कर रहे हैं। अगर आप भी कुवैत में रह रहे हैं, तो इन खतरों से बचना बहुत जरूरी है ताकि आपकी मेहनत की कमाई सुरक्षित रहे।

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सेंट्रल बैंक ऑफ कुवैत (CBK) और सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर “Let’s Be Aware” नाम से एक जागरूकता अभियान चलाया है। इस अभियान के जरिए ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी संदिग्ध लिंक को न खोलें और अपनी बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें। बैंक ने साफ कहा है कि सभी बातचीत केवल आधिकारिक चैनलों के माध्यम से ही करें।

इन फर्जी तरीकों से हो रही है ठगी

सेंट्रल बैंक ने समय-समय पर लोगों को अलग-अलग तरह के फ्रॉड के बारे में चेतावनी दी है। जून 2026 में यह बताया गया कि पार्सल या शिपमेंट डिलीवरी के नाम पर फर्जी मैसेज भेजे जा रहे हैं। वहीं मई 2026 में ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए जल्दी पैसा कमाने का लालच देकर लोगों को ठगा गया। अप्रैल 2026 में सरकारी मंत्रालयों के फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए लोगों का निजी डेटा चुराने की कोशिश की गई।

इसके अलावा जनरल ट्रैफिक डिपार्टमेंट ने भी चेतावनी दी कि ट्रैफिक जुर्माना भरने के लिए आने वाले एसएमएस फर्जी होते हैं। आधिकारिक सूचनाएं केवल सरकार के ‘Sahel’ प्लेटफॉर्म या इंटीरियर मिनिस्ट्री के ई-पेमेंट चैनल से ही मिलती हैं।

धोखाधड़ी के आंकड़े (मई 2026)

कम्युनिकेशंस एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी रेगुलेटरी अथॉरिटी (CITRA) ने मई 2026 में धोखाधड़ी के 250 मामले दर्ज किए। इसका विवरण नीचे दी गई टेबल में है:

माध्यम रिपोर्ट किए गए मामले
वेबसाइट्स 128
सोशल मीडिया 63
फोन कॉल 32
WhatsApp 24
SMS 3

एक्सपर्ट्स ने दी ये जरूरी सलाह

कुवैत इंटरनेशनल बैंक (KIB) के जनरल मैनेजर बासिल अल-सुवैदान ने बताया कि आजकल के स्कैम बहुत एडवांस हो गए हैं। उन्होंने लोगों को शिपमेंट, हेल्थ इंश्योरेंस या बिल पेमेंट से जुड़े संदिग्ध लिंक से बचने की सलाह दी। उन्होंने यह भी कहा कि बहुत कम कीमत वाले ऑफर्स और रिस्की क्रिप्टो प्लेटफॉर्म से दूर रहें और अपना ओटीपी (OTP) कभी किसी को न बताएं।

कुवैत बैंकिंग एसोसिएशन के अब्दुलवहब अल-दुइज ने साफ किया कि बैंक कभी भी फोन कॉल, मैसेज या लिंक के जरिए आपका गोपनीय कोड या बैंकिंग डिटेल नहीं मांगते हैं।

कुवैत में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह खबर बहुत जरूरी है क्योंकि स्कैमर्स अक्सर जल्दबाजी या लालच का डर दिखाकर पैसे ठग लेते हैं। नेशनल साइबर सिक्योरिटी सेंटर ने यात्रियों को भी केवल भरोसेमंद प्लेटफॉर्म से ही बुकिंग करने की सलाह दी है।