कुवैत सरकार ने दान और चंदे के नियमों को बहुत सख्त कर दिया है। अब देश में किसी भी तरह का कैश दान देना पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। गृह मंत्रालय ने नागरिकों और रहने वाले प्रवासियों को चेतावनी दी है कि वे केवल सरकारी और मान्यता प्राप्त संस्थाओं के जरिए ही पैसा भेजें ताकि फंड का गलत इस्तेमाल न हो सके।

दान देने के लिए कौन से तरीके मान्य हैं?

अब केवल उन्हीं तरीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है जिन्हें सरकार ने मंजूरी दी है। इसमें K-Net पेमेंट, ऑनलाइन डोनेशन, बैंक ट्रांसफर, स्मार्टफोन ऐप्स और एसएमएस (SMS) के जरिए दिए जाने वाले दान शामिल हैं। दान केवल मान्यता प्राप्त चैरिटेबल संस्थाओं के आधिकारिक बैंक खातों में ही जमा करना होगा। ब्रिगेडियर जनरल नासिर बुस्लैब ने कहा है कि इस कदम से पैसा सही लोगों तक सुरक्षित पहुंचेगा।

कहाँ और कैसे चंदा इकट्ठा करने पर रोक लगी है?

सरकार ने कैश कलेक्शन को लेकर सख्त पाबंदियां लगाई हैं, जिनकी जानकारी नीचे दी गई है:

  • मस्जिदों और सार्वजनिक जगहों पर कैश चंदा इकट्ठा करना पूरी तरह मना है।
  • चैरिटी संस्थाओं के ऑफिस में भी अब कैश नहीं लिया जाएगा।
  • शॉपिंग मॉल या सार्वजनिक चौराहों पर चंदा लेने के लिए सामाजिक मामलों के मंत्रालय से पहले मंजूरी लेना जरूरी होगा।
  • विदेशों से आने वाले किसी भी दान के लिए मंत्रालय की पूर्व अनुमति लेनी होगी।

कैश लेनदेन और अन्य जरूरी नियम

कुवैत के व्यापार और उद्योग मंत्रालय ने भी कुछ खास सर्विस सेक्टर में कैश के इस्तेमाल को सीमित किया है। इस नए नियम की जानकारी नीचे दी गई टेबल में है:

क्षेत्र (Sector) नियम जरूरी तरीका
हेल्थ इंस्टिट्यूट, सैलून, स्पोर्ट्स क्लब 10 KD से ज्यादा कैश लेनदेन मना बैंकिंग या इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट
चैरिटी संस्थाएं कैश डोनेशन पूरी तरह बंद K-Net, बैंक ट्रांसफर, ऐप्स

डॉ. खालिद अल-अजमी के मुताबिक इन नियमों से चैरिटी के काम में पारदर्शिता आएगी और दान देने वालों का भरोसा बना रहेगा। अब सभी दान का रिकॉर्ड रखना जरूरी होगा जिसमें डोनर का नाम और तारीख लिखी होगी।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.