कुवैत के स्वास्थ्य मंत्रालय (Ministry of Health) ने एक बड़ा कदम उठाते हुए प्राइवेट हेल्थकेयर सेक्टर में नकद यानी कैश (Cash) लेन-देन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। यह फैसला 27 फरवरी 2026 को जारी किया गया और इसे तुरंत प्रभाव से लागू करने का निर्देश दिया गया है। अब मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों और क्लीनिकों में इलाज के पैसे चुकाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक तरीकों का इस्तेमाल करना अनिवार्य होगा।

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किन जगहों पर अब कैश नहीं चलेगा?

मंत्रालय का यह आदेश प्राइवेट सेक्टर के सभी स्वास्थ्य संस्थानों पर लागू होता है। इसमें प्राइवेट अस्पताल, मेडिकल सेंटर, डिस्पेंसरी, मेडिकल क्लीनिक और मेडिकल लैबोरेटरीज शामिल हैं। इसके अलावा होम हेल्थकेयर सुविधाओं में भी अब नकद पैसा नहीं लिया जाएगा। इससे पहले 23 फरवरी को हेल्थ इंस्टीट्यूट, सैलून और स्पोर्ट्स क्लबों के लिए भी ऐसा ही नियम लाया गया था।

भुगतान के लिए कौन से विकल्प मौजूद हैं?

नया नियम लागू होने के बाद सभी ट्रांजेक्शन सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट सिस्टम के जरिए ही किए जाएंगे। मरीजों को फीस जमा करने के लिए K-Net, क्रेडिट कार्ड या बैंक ट्रांसफर का उपयोग करना होगा। मंत्रालय ने सभी लाइसेंस प्राप्त सुविधाओं को आदेश दिया है कि वे मरीजों की सेवा बाधित किए बिना अपनी पेमेंट सिस्टम को तुरंत इलेक्ट्रॉनिक मोड पर शिफ्ट कर लें।

नियम न मानने पर क्या होगी कार्रवाई?

स्वास्थ्य मंत्रालय इस नियम का पालन सुनिश्चित करने के लिए कड़ी निगरानी रखेगा। अगर कोई भी अस्पताल या क्लीनिक नकद पैसा लेते हुए पकड़ा गया, तो उस पर राज्य के कानूनों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री Dr. Ahmed Al-Awadhi के मुताबिक, इस फैसले से वित्तीय मामलों में पारदर्शिता आएगी और मरीजों से ज्यादा पैसे वसूलने (Overcharging) जैसी समस्याओं पर लगाम लगेगी। हर भुगतान का अब बैंक रिकॉर्ड होगा, जो मरीजों के लिए भी सुरक्षित है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.