Kuwait Security Update: कुवैत ने दो शहीद सैन्य अधिकारियों को दी अंतिम विदाई, ड्रोन हमले के बीच हुआ अंतिम संस्कार
कुवैत ने सोमवार, 9 मार्च को अपने दो वीर अधिकारियों को भारी मन से अंतिम विदाई दी. लेफ्टिनेंट कर्नल अब्दुल्ला इमाद अल-शर्राह और मेजर फहद अब्दुलअजीज अल-मुजम्मद देश की सीमा सुरक्षा करते हुए रविवार सुबह शहीद हो गए. उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया जिसमें देश के बड़े सैन्य और सरकारी अधिकारी शामिल हुए. यह दुखद घटना ऐसे समय में हुई है जब कुवैत अपनी वायु सीमा में मिसाइलों और ड्रोन के हमलों का सामना कर रहा है.
शहीद अधिकारियों को दी गई राजकीय विदाई
दोनों अधिकारी गृह मंत्रालय के सामान्य भूमि सीमा सुरक्षा निदेशालय में तैनात थे. उनके अंतिम संस्कार की अगुवाई कुवैत के प्रथम उप प्रधान मंत्री, रक्षा मंत्री और गृह मंत्री शेख फहद यूसुफ सऊद अल-सबा ने की. उनके साथ गृह मंत्रालय के अवर सचिव मेजर जनरल अब्दुल वहाब अल-वहीब सहित कई बड़े सैन्य नेता भी मौजूद थे. गृह मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर दोनों अधिकारियों के साहस और समर्पण की प्रशंसा की और देश की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया. पड़ोसी देश सऊदी अरब और जॉर्डन ने भी कुवैत के समर्थन में अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं.
मिसाइल हमले और प्रवासियों के लिए सुरक्षा निर्देश
पिछले 24 घंटों से इस क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है. कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि सेना ने देश के दक्षिणी हिस्से में तीन बैलिस्टिक मिसाइल और कई ड्रोन हमलों को हवा में ही नष्ट कर दिया है. इसके कारण आसमान से मलबा और धातु के टुकड़े गिरने की घटनाएं सामने आई हैं.
- अधिकारियों ने पिछले कुछ घंटों में मलबा गिरने की 24 शिकायतों पर कार्रवाई की है.
- सभी नागरिकों और कुवैत में काम करने वाले प्रवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है.
- सड़कों या घरों के आस-पास किसी भी अनजान वस्तु या मलबे को बिल्कुल न छुएं.
- अगर कोई संदिग्ध वस्तु दिखाई दे तो तुरंत इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर 112 पर कॉल करें.
कुवैत की रक्षा और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट पर हैं और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए लगातार काम कर रही हैं. आम लोगों को सिर्फ आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करने की सलाह दी गई है.





