कुवैत की उत्तरी सीमा पर शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026 को ड्रोन हमला हुआ। इराक की तरफ से आए दो विस्फोटक ड्रोन ने कुवैत की बॉर्डर पोस्ट को निशाना बनाया। इस हमले में काफी सामान और संपत्ति का नुकसान हुआ लेकिन राहत की बात यह है कि किसी की जान नहीं गई। इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच तनाव देखा जा रहा है।

हमले में क्या हुआ और किसने दी जानकारी?

कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने इस हमले की आधिकारिक पुष्टि की है। प्रवक्ता कर्नल Saud Abdulaziz Al-Otaibi ने बताया कि फाइबर-ऑप्टिक केबल से चलने वाले दो विस्फोटक ड्रोन ने बॉर्डर केंद्रों पर हमला किया। इराक के गृह मंत्री Abdul Amir al-Shammari ने कुवैत के गृह मंत्री शेख फहद अल-यूसुफ अल-सबा की बात सुनी और इस हमले को एक साजिश और शत्रुतापूर्ण कार्य बताया जो दोनों देशों के भाईचारे को नुकसान पहुंचाता है।

इराक और अन्य देशों का इस पर क्या कहना है?

इराक के प्रधानमंत्री Mohammed Shia Al-Sudani ने तुरंत एक्शन लेते हुए पूरी जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने एक स्पेशल कमेटी बनाई है जो हमलावरों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाएगी। वहीं, GCC के महासचिव जासेम मोहम्मद अलबुदइवी ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है। सऊदी अरब ने भी इस हमले की निंदा की है और कहा है कि किसी भी देश की सीमा का उल्लंघन करना गलत है।

हमले के पीछे किसका हाथ हो सकता है?

अभी तक किसी भी संगठन या ग्रुप ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह बात कही गई है कि इराक की जमीन से होने वाले ऐसे हमलों के पीछे अक्सर ईरान समर्थित मिलिशिया ग्रुप्स का हाथ होता है। फिलहाल इराकी सरकार की जांच जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वास्तव में यह हमला किसने और क्यों किया।