कुवैत की कैबिनेट ने प्रधानमंत्री शेख अहमद अब्दुल्ला अल-अहमद अल-सबाह की अध्यक्षता में एक अहम बैठक की। इस बैठक में देश के नागरिकता कानून में बदलाव करने वाले एक ड्राफ्ट को मंजूरी दी गई, जिसे अब अंतिम मंजूरी के लिए अमीर शेख मिशाल अल-अहमद अल-सबाह के पास भेजा गया है। सरकार का मुख्य उद्देश्य अपनी राष्ट्रीय पहचान को सुरक्षित रखना और कानूनी ढांचे को और आधुनिक बनाना है।

नागरिकता नियमों में क्या हुए बड़े बदलाव?

  • पहचान की पुष्टि: नागरिकता से जुड़े विवादों को सुलझाने के लिए अब DNA टेस्ट और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन का इस्तेमाल किया जाएगा।
  • सख्त नियंत्रण: सरकार ने नागरिकता देने, वापस लेने या उसे रद्द करने की प्रक्रिया के लिए स्पष्ट सीमाएं और कानूनी नियंत्रण तय किए हैं।
  • रद्द होने के कारण: धोखाधड़ी करने, बिना अनुमति के दोहरी नागरिकता रखने या देश के सर्वोच्च हितों के खिलाफ काम करने वालों की नागरिकता छीनी जा सकती है।
  • पारिवारिक स्थिति: नए नियमों में शादी और परिवार की स्थिति से जुड़े प्रावधानों को भी और साफ किया गया है।

क्षेत्रीय शांति और डिप्लोमेसी पर क्या चर्चा हुई?

बैठक के दौरान कैबिनेट ने क्षेत्रीय स्थिरता के लिए अपने समर्थन को दोहराया। इसी सिलसिले में कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्राह जाबिर अल-अहमद अल-सबाह ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान से फोन पर बातचीत की। दोनों मंत्रियों ने इलाके में तनाव कम करने और शांति बनाए रखने के लिए आपसी तालमेल पर जोर दिया।

कुवैत सरकार ने स्पष्ट किया कि उसका विदेश नीति का आधार अंतरराष्ट्रीय कानून और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व है। सरकार ने यह भी साफ किया कि कुवैत किसी भी क्षेत्रीय विवाद का हिस्सा नहीं है और वह अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी दूसरे देश के खिलाफ हमले के लिए नहीं होने देगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत में नागरिकता के लिए DNA टेस्ट क्यों जरूरी हुआ?

नागरिकता से जुड़े कानूनी विवादों को खत्म करने और पहचान की सही पुष्टि करने के लिए सरकार ने DNA टेस्ट और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन को शामिल किया है।

किन वजहों से कुवैत की नागरिकता रद्द की जा सकती है?

अगर कोई व्यक्ति नागरिकता पाने के लिए धोखाधड़ी करता है, बिना अनुमति के दोहरी नागरिकता रखता है या देश के हितों के खिलाफ काम करता है, तो उसकी नागरिकता रद्द की जा सकती है।