कुवैत सरकार ने देश की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट ने एक औपचारिक फैसला लेते हुए प्रथम उप प्रधानमंत्री और आंतरिक मंत्री Sheikh Fahad Al-Yousef को देश के आतंकवाद विरोधी कानून को लागू करने का जिम्मेदार बनाया है। यह निर्णय सरकारी गजट ‘Kuwait Alyawm’ में प्रकाशित किया गया है।
यह फैसला प्रस्ताव संख्या 718 (Resolution No. 718 of 2026) के तहत लिया गया, जिसे 27 जून 2026 को जारी किया गया। यह कानून (Law No. 47 of 2026) दरअसल 16 मार्च 2026 को लागू हुआ था। इस कानून का मकसद आतंकवाद को रोकने के लिए एक मजबूत कानूनी ढांचा तैयार करना है, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों और FATF जैसे संगठनों के नियमों के हिसाब से बनाया गया है।
इस नए कानून के तहत सजा के प्रावधान बहुत सख्त रखे गए हैं। आतंकवादी गतिविधियों में शामिल पाए जाने वाले लोगों को उम्रकैद या फांसी की सजा दी जा सकती है। कानून की पहुंच इतनी व्यापक है कि अगर कोई व्यक्ति कुवैत से बाहर रहकर भी देश के हितों, नागरिकों, दूतावासों, विमानों या जहाजों को निशाना बनाता है, तो उस पर भी इसी कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, इन अपराधों के लिए समय सीमा (statute of limitations) का कोई नियम नहीं होगा, यानी अपराधी पर कभी भी कार्रवाई हो सकती है।
आंतरिक मंत्री Sheikh Fahad Al-Yousef ने कड़े शब्दों में कहा है कि कुवैत की सुरक्षा और स्थिरता एक लाल रेखा है, जिससे कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि सुरक्षा एजेंसियां सार्वजनिक शांति को बिगाड़ने वाली किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेंगी। सरकार चरमपंथी विचारधारा को खत्म करने और आतंकवाद के लिए होने वाली फंडिंग को रोकने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने Interpol जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ सहयोग करने पर भी जोर दिया है।
सुरक्षा के मोर्चे पर कुवैत पहले भी बड़ी कार्रवाई कर चुका है। अप्रैल 2026 में आतंकी फंडिंग नेटवर्क के खिलाफ चलाए गए अभियान में 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पहुंचाने वाले एक बड़े षड्यंत्र को नाकाम किया गया। इसके अलावा, कुवैत GCC देशों के साथ मिलकर क्षेत्रीय खतरों से निपटने के लिए सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर काम कर रहा है।
