कुवैत की कैबिनेट ने मंगलवार, 14 अप्रैल 2026 को एक अहम बैठक की जिसमें प्रधानमंत्री Sheikh Ahmad Al-Abdullah Al-Sabah मौजूद रहे। इस मीटिंग में Basra में कुवैती दूतावास (Consulate General) पर हुए हमले और तोड़फोड़ की कड़ी निंदा की गई। सरकार ने साफ कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय नियमों का बड़ा उल्लंघन है और इसके लिए इराक सरकार पूरी तरह जिम्मेदार है।

Basra में क्या हुआ और कौन से नियमों का हुआ उल्लंघन?

Basra में कुवैत के दूतावास के साथ हुई हिंसा को कैबिनेट ने बेहद गंभीर मामला बताया। मीटिंग में कहा गया कि यह 1963 के Vienna Convention on Consular Relations के आर्टिकल 31 का उल्लंघन है। इस नियम के मुताबिक, जिस देश में दूतावास होता है, वहां की सरकार की जिम्मेदारी होती है कि वह दूतावास और वहां काम करने वाले लोगों की सुरक्षा करे।

कुवैत ने इराक से क्या मांग की और देश में सुरक्षा का क्या हाल है?

कुवैत ने इराक सरकार से मांग की है कि इस हमले में शामिल लोगों को तुरंत पकड़ा जाए और उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। कैबिनेट ने यह भी साफ किया कि कुवैत किसी भी क्षेत्रीय या अंतरराष्ट्रीय विवाद का हिस्सा नहीं बनेगा। साथ ही गृह मंत्री ने बताया कि देश की स्थिरता बिगाड़ने और आतंकियों को पैसा पहुंचाने की एक साजिश को नाकाम कर दिया गया है।

दुनिया के अन्य देशों ने इस हमले पर क्या कहा?

इस हमले के बाद कई देशों और संगठनों ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। नीचे दी गई टेबल में देखें कि किन देशों ने इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी:

संस्था/देश प्रतिक्रिया
Arab League हमले की निंदा की और जांच का स्वागत किया
UAE अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत दूतावास की सुरक्षा पर जोर दिया
ओमान इसे राजनयिक नियमों का उल्लंघन बताया
अमेरिका इराक से ईरान समर्थित आतंकी समूहों को खत्म करने को कहा
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com