Kuwait में हाई अलर्ट, कैबिनेट ने बढ़ाई सुरक्षा, अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

Kuwait की सरकार ने देश की सुरक्षा और सैन्य तैयारियों को और मजबूत करने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री शेख अहमद अल-अब्दुल्ला की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए कई अहम फैसले लिए गए। सरकार ने नागरिकों और प्रवासियों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक खबरों पर भरोसा करें और अफवाहों से दूर रहें।

कुवैत सरकार ने सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए हैं?

कैबिनेट ने सुरक्षा, सैन्य और राजनयिक स्तर पर तैयारियों की समीक्षा की है। प्रधानमंत्री शेख अहमद अल-अब्दुल्ला ने खुद मुख्य सुविधाओं का दौरा किया ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि जरूरी सेवाएं बिना किसी रुकावट के चलती रहें। रक्षा मंत्री शेख अब्दुल्ला अल-अली ने कैबिनेट को बताया कि क्षेत्रीय तनाव के कारण सेना और सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। 18 अप्रैल 2026 को गृह मंत्रालय और सेना प्रमुख ने भी सुरक्षा तालमेल बढ़ाने पर चर्चा की थी।

अफवाहों पर लगाम और धमाकों की सच्चाई क्या है?

सरकार ने साफ चेतावनी दी है कि गलत खबरें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि ईरान के हमलों के बाद जो धमाकों की आवाजें सुनाई दी थीं, वे दरअसल सेना की इंजीनियरिंग यूनिट द्वारा विस्फोटक टुकड़ों को सुरक्षित तरीके से नष्ट करने की प्रक्रिया थी। यह काम सीजफायर के दौरान किया गया था। सरकार ने लोगों से आग्रह किया है कि वे किसी भी सूचना की पुष्टि आधिकारिक प्लेटफॉर्म से ही करें।

राजनयिक प्रयास और अन्य महत्वपूर्ण अपडेट

विदेश मंत्री शेख जराह अल-जाबर ने बहरीन और मिस्र की अपनी हालिया यात्राओं की जानकारी दी, जिसका मकसद क्षेत्रीय मुद्दों पर आपसी तालमेल बढ़ाना था। मीटिंग के दौरान ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर द्वारा अमीर को भेजे गए संदेश पर भी चर्चा हुई। साथ ही, कैबिनेट ने पूर्व न्याय मंत्री घाजी ओबेद अल-समर के निधन पर शोक जताया। सरकार ने ऐलान किया है कि वह स्थानीय और क्षेत्रीय हालातों पर नजर रखने के लिए लगातार सत्र में रहेगी।