Central Bank of Kuwait (CBK) ने स्थानीय बैंकों के कामकाज और निगरानी को लेकर एक नया और सख्त नियम जारी किया है। अब कुवैत में काम कर रहे किसी भी बैंक को अपने यहाँ Compliance Officer नियुक्त करने से पहले सेंट्रल बैंक से आधिकारिक मंजूरी लेनी होगी। यह अहम फैसला बैंकिंग सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ाने और वित्तीय अपराधों पर लगाम लगाने के मकसद से लिया गया है। इस नए आदेश के बाद बैंक अपनी मर्जी से इस बड़े पद पर किसी को भी नहीं बैठा सकेंगे।

नया नियम क्या है और कैसे काम करेगा?

15 मार्च 2026 को जारी किए गए इस निर्देश के अनुसार, कोई भी स्थानीय बैंक बिना पूर्व अनुमति के Compliance Officer के पद पर नियुक्ति नहीं कर सकता है। इसके लिए बैंकों को CBK के पास एक औपचारिक आवेदन जमा करना होगा। इस आवेदन के साथ उम्मीदवार का पूरा CV और उसकी योग्यताओं के प्रमाण पत्र भी देने होंगे। यह नया नियम कानून नंबर 32 (1968) के अनुच्छेद 68 के तहत लागू किया गया है, जो कुवैत में बैंकिंग संचालन को नियंत्रित करता है।

बैंकों के लिए क्या हुए हैं जरूरी बदलाव?

इस आदेश के तहत हर स्थानीय बैंक के लिए एक स्वतंत्र एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग (AML) और आतंकवाद वित्तपोषण रोकथाम (CFT) विभाग बनाना अनिवार्य कर दिया गया है। नियुक्त होने वाले अधिकारी के पास कानून नंबर 106 (2013) के मुताबिक तय योग्यताएं और अनुभव होना चाहिए। एक खास बात यह भी है कि अगर बैंक किसी ग्राहक का अकाउंट संदिग्ध लेनदेन के शक में बंद करता है, तो बैंक उस ग्राहक को असली वजह नहीं बता सकता है। उन्हें केवल सामान्य अनुबंध के नियमों का हवाला देना होगा।

आम लोगों और प्रवासियों पर इसका क्या असर होगा?

यह नया नियम मुख्य रूप से बैंकों के अंदरूनी मैनेजमेंट से जुड़ा है, लेकिन इसका सीधा फायदा आम ग्राहकों और कुवैत में रहने वाले प्रवासियों को मिलेगा। बैंकिंग सिस्टम में कड़े नियमों के कारण आम लोगों के खातों की सुरक्षा काफी बढ़ जाएगी। सख्त मॉनिटरिंग से इस बात का खतरा कम हो जाएगा कि किसी भी आम आदमी या प्रवासी के अकाउंट का इस्तेमाल किसी गैरकानूनी काम में किया जाए। इस कदम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कुवैत के बैंकिंग ढांचे पर लोगों का भरोसा और मजबूत होगा।