कुवैत के सेंट्रल बैंक (CBK) ने देश की वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब कुवैत में रहने वाले लोगों को एक नया ‘नेशनल कार्ड’ जारी किया जाएगा जिसमें दो अलग-अलग चिप लगी होंगी। यह कदम वैश्विक स्तर पर होने वाली वित्तीय बाधाओं और तकनीकी समस्याओं से बचने के लिए एक बैकअप प्लान के तौर पर उठाया गया है। इससे कुवैत का अपना पेमेंट सिस्टम और भी ताकतवर हो जाएगा।

दो चिप वाले कार्ड में क्या है खास?

इस नई व्यवस्था के तहत जारी होने वाले कार्ड में दो चिप का इस्तेमाल होगा। पहली चिप कुवैत के लोकल पेमेंट नेटवर्क KNET के लिए होगी, जो देश के अंदर होने वाले सभी लेन-देन को संभालेगी। दूसरी चिप अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क जैसे Visa या Mastercard के लिए होगी, ताकि विदेश यात्रा के दौरान पेमेंट में कोई दिक्कत न आए। इसका मुख्य मकसद यह है कि अगर कभी वैश्विक नेटवर्क में खराबी आती है, तो कुवैत के अंदर खरीदारी और व्यापार बिल्कुल भी प्रभावित नहीं होंगे।

लेन-देन के नियमों और लागत में बड़े बदलाव

कुवैत सरकार के इस फैसले से बैंकों और आम जनता पर कई तरह के सकारात्मक असर पड़ेंगे। सेंट्रल बैंक ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक्सचेंज कंपनियों के लिए कैश लेन-देन की सीमा भी बदल दी है।

  • कुवैती बैंकों को अब अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को सालाना दी जाने वाली 14 मिलियन दीनार की भारी फीस नहीं देनी होगी।
  • एक्सचेंज कंपनियों से कैश ट्रांजैक्शन की डेली लिमिट को 3,000 दीनार से घटाकर 1,000 दीनार कर दिया गया है।
  • स्थानीय पेमेंट का डेटा अब कुवैत के अंदर ही सुरक्षित रखा जाएगा, जिससे डेटा चोरी का खतरा कम होगा।
  • KACH System 2.0 की शुरुआत से अब छोटे पेमेंट 24 घंटे किसी भी समय तुरंत किए जा सकेंगे।

ग्राहकों और प्रवासियों के लिए मुख्य जानकारी

सुविधा नया अपडेट
कार्ड का प्रकार डुअल-चिप नेशनल कार्ड (लोकल और इंटरनेशनल)
लागू होने की तारीख 15 फरवरी 2026 से प्रभावी
कैश लिमिट 1,000 कुवैती दीनार प्रतिदिन (एक्सचेंज कंपनियां)
प्रवासियों पर असर विदेश में कार्ड पहले की तरह चलेंगे, देश में सुरक्षित ट्रांजैक्शन

सेंट्रल बैंक के गवर्नर बासेल अल-हारून ने स्पष्ट किया है कि यह नया नेशनल पेमेंट सिस्टम देश की अर्थव्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है। इससे कुवैत को कैशलेस भविष्य की ओर ले जाने में मदद मिलेगी और डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा मिलेगा। कुवैत में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए भी यह व्यवस्था फायदेमंद होगी क्योंकि उनके स्थानीय लेन-देन अब पहले से अधिक सुरक्षित और तेज होंगे।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.