कुवैत के सेंट्रल बैंक ने सभी लोकल बैंकों को एक बेहद सख्त आदेश जारी किया है। नए नियमों के मुताबिक, अब अगर कोई भी ग्राहक अपने बैंक खाते में हो रहे लेन-देन से जुड़े सही दस्तावेज समय पर जमा नहीं करता है, तो उसका बैंक खाता बंद कर दिया जाएगा। इसे ‘No Documents, No Banking’ नीति के तहत लागू किया जा रहा है। यह कदम कुवैत में वित्तीय सुरक्षा को बढ़ाने और गलत तरीके से हो रहे पैसों के लेन-देन को रोकने के लिए उठाया गया है।

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दस्तावेज नहीं तो बैंकिंग नहीं, जानिए क्या है पूरा मामला

कुवैत सेंट्रल बैंक (CBK) ने साफ शब्दों में कहा है कि बैंकों को अपने ग्राहकों की पूरी जांच-पड़ताल (Enhanced Due Diligence) करनी होगी। अगर कोई ग्राहक बैंक द्वारा मांगे गए दस्तावेज एक उचित समय सीमा के भीतर जमा नहीं करता है, तो बैंक को उस ग्राहक के साथ रिश्ता खत्म करना होगा।

नियमों में एक खास बात यह भी है कि बैंक अब ग्राहक को यह नहीं बताएंगे कि उनका खाता किसी शक की वजह से बंद किया जा रहा है। बैंक सिर्फ ‘अकाउंट ओपनिंग एग्रीमेंट’ के नियमों का हवाला देकर खाता बंद कर देंगे। यह आदेश खास तौर पर उन खातों पर लागू होगा जहां पैसों का सोर्स साफ नहीं है या ग्राहक जानकारी छिपा रहे हैं।

प्रवासियों और भारतीयों पर इसका क्या असर होगा?

कुवैत में रहने वाले भारतीयों और अन्य विदेशी कामगारों को अब अपनी बैंकिंग डिटेल्स को लेकर ज्यादा सतर्क रहना होगा। अगर आपका Civil ID एक्सपायर हो गया है या आपने अपनी कमाई का सबूत (Source of Income) बैंक में अपडेट नहीं किया है, तो आपका खाता तुरंत फ्रीज हो सकता है।

  • KYC अपडेट: हाई-रिस्क वाले ग्राहकों को अब हर साल अपनी KYC अपडेट करानी होगी।
  • बायोमेट्रिक जरूरी: जिन लोगों ने अभी तक बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट नहीं कराए हैं, उनके खाते अब ‘चेतावनी’ फेज से निकलकर ‘सस्पेंशन’ यानी बंद होने के फेज में आ गए हैं।
  • डिजिटल कॉपी काफी नहीं: कई मामलों में अब सिर्फ डिजिटल कॉपी से काम नहीं चलेगा, ओरिजिनल डॉक्यूमेंट दिखाकर वेरिफिकेशन करना जरूरी हो गया है।

फीस को लेकर मिली बड़ी राहत

सख्त नियमों के बीच आम ग्राहकों के लिए एक राहत की खबर भी है। बैंक अब जानकारी या KYC अपडेट करने के लिए आपसे कोई पैसा नहीं लेंगे। पहले इसके लिए 5 दिनार (KD 5) की फीस लगती थी, जिसे अब पूरी तरह हटा दिया गया है।

इसके अलावा, अगर किसी के खाते में 100 दिनार (KD 100) से कम बैलेंस है और वह खाता इस्तेमाल नहीं हो रहा (Dormant Account), तो उस पर लगने वाला 2 दिनार का मंथली चार्ज भी अब बैंक नहीं काट सकते। यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि लोग बिना किसी डर या खर्च के अपनी जानकारी बैंक के पास अपडेट करा सकें।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com